भारत में चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। भले ही भारत में चाय अंग्रेज लेकर आए हों, लेकिन आज यह हर भारतीय के दिल में बस चुकी है। सुबह की शुरुआत चाय से होती है, मेहमान आएं तो चाय बनती है, थकान हो या सिर दर्द, चाय हर मौके पर साथ देती है। गली-मोहल्लों की चाय की दुकानों से लेकर बड़े कैफे तक, हर जगह चाय की खुशबू मिल जाती है। फिल्मों और वेब सीरीज में भी चाय पर लंबी चर्चा होती रही है। लेकिन इसी के साथ लोगों के मन में यह सवाल भी रहता है कि कहीं चाय हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक तो नहीं?
चाय पीने को लेकर डर क्यों?
अक्सर लोग सुनते हैं कि ज्यादा चाय पीने से सेहत खराब हो सकती है। कोई कहता है इससे एसिडिटी होती है, तो कोई नींद न आने की शिकायत करता है। इसी बीच कैंसर सर्जन डॉक्टर जयेश शर्मा ने चाय को लेकर कुछ अहम बातें बताई हैं, जिन्हें जानना हर चाय प्रेमी के लिए जरूरी है।
चाय बनाने और पीने का सही तरीका
कैंसर सर्जन डॉक्टर जयेश शर्मा के अनुसार, अगर आप नॉर्मल चाय या कॉफी पीते हैं तो सबसे जरूरी बात है सीमा में रहना। यानी कि चाय में दूध कम रखें, शक्कर कम डालें और चाय को बहुत ज्यादा स्ट्रॉन्ग न बनाएं। बहुत तेज चाय पीने से फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। इसके अलावा खाली पेट चाय पीने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे एसिडिटी और जलन हो सकती है। चाय बहुत ज्यादा गर्म भी नहीं पीनी चाहिए, क्योंकि इससे मुंह और गले को नुकसान पहुंच सकता है। डॉक्टर यह भी बताते हैं कि चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन का असर 5 से 6 घंटे तक रहता है। इसलिए अगर आपको नींद न आने की समस्या है, तो शाम के बाद चाय या कॉफी बिल्कुल नहीं लेनी चाहिए।
चाय और कॉफी में क्या होता है?
चाय और कॉफी दोनों में कैफीन मुख्य तत्व होता है। कैफीन हमें तुरंत एक्टिव बनाता है, सुस्ती दूर करता है और एनर्जी लेवल बढ़ाता है। इसी वजह से लोग थकान या नींद आने पर चाय-कॉफी का सहारा लेते हैं। इसके अलावा चाय और कॉफी में एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। चाय में थियाफ्लेविन नाम का एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जबकि कॉफी में क्लोरोजेनिक एसिड होता है। ये तत्व शरीर को कई गंभीर बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं।
चाय पीने के फायदे
डॉक्टर जयेश के मुताबिक, सीमित मात्रा में चाय पीने के कई फायदे हैं। उनके अनुसार, चाय हमें तुरंत तरोताजा महसूस कराती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। ये तत्व हार्ट से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम कर सकते हैं। वहीं, कुछ हद तक कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने में भी मददगार माने जाते हैं। इसलिए अगर सही तरीके और सही मात्रा में चाय पी जाए, तो यह सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं होती।
ज्यादा चाय पीने के नुकसान
एक तरफ जहां चाय पीने के फायदे हैं, तो वहीं ज्यादा चाय पीने से नुकसान भी हो सकते हैं। अगर आपको पहले से नींद की समस्या है, तो चाय आपकी परेशानी बढ़ा सकती है। कैफीन की अधिक मात्रा से एंग्जायटी, बेचैनी और घबराहट हो सकती है। ज्यादा चाय पीने से एसिडिटी, पेट में जलन और गैस की समस्या भी हो सकती है। इसके अलावा बहुत गर्म चाय पीने से मुंह और गले की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे लंबे समय में कैंसर का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है।
ग्रीन टी है बेहतर विकल्प
अगर आपको चाय का स्वाद पसंद है और आप सेहत का भी ध्यान रखना चाहते हैं, तो ग्रीन टी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं और कैफीन की मात्रा भी कम होती है। ग्रीन टी में आमतौर पर न दूध होता है और न ही शुगर, जिससे यह वजन और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद बन जाती है। यही वजह है कि डॉक्टर भी ग्रीन टी को ज्यादा सुरक्षित और लाभकारी मानते हैं।
निष्कर्ष
चाय भारतीय जीवनशैली का हिस्सा है और इसे पूरी तरह छोड़ना न तो आसान है और न जरूरी। जरूरत है सही तरीके और सही मात्रा में चाय पीने की। डॉक्टर जयेश के अनुसार, अगर आप कम दूध, कम चीनी और सीमित मात्रा में चाय पीते हैं, तो यह आपकी सेहत को नुकसान नहीं पहुंचाएगी।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
