मोरिंगा (सहजन) को दुनिया का सबसे शक्तिशाली ‘सुपर फूड’ माना जाता है। मोरिंगा की पत्तियां Moringa oleifera पेड़ से मिलती हैं, जिसे मिरैकल ट्री भी कहा जाता है क्योंकि इसके लगभग हर हिस्से में पोषण और औषधीय गुण पाए जाते हैं। इनमें सबसे ज्यादा उपयोग इसकी पत्तियों का होता है, खासकर दक्षिण एशियाई खानपान में ये पत्तियां ज्यादा खाई जाती हैं। मोरिंगा की पत्तियां विटामिन्स, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और कई लाभकारी प्लांट कंपाउंड्स से भरपूर होती हैं, जो सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाती हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, मोरिंगा में ऐसे औषधीय गुण हैं जो शरीर के तीनों दोषों वात, पित्त और कफ को संतुलित कर सकते हैं। पुराने समय से ही इसे संक्रमण, सूजन, पाचन और नसों से जुड़ी समस्याओं के उपचार में इस्तेमाल किया जाता रहा है। आयुर्वेद के मुताबिक मोरिंगा के पत्ते लगभग 300 से ज्यादा बीमारियों का इलाज करते हैं। 300 बीमारियों से मतलब है कि इसमें मौजूद 92 पोषक तत्व, 46 एंटीऑक्सीडेंट्स और 36 एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व मिलकर शरीर के लगभग हर अंग जैसे आंख, दांत, हड्डियां, लिवर, दिल, त्वचा का बीमारियों से बचाव करते हैं।
World Health Organization(WHO) के मुताबिक मोरिंगा में पोषक तत्वों का इतना अधिक घनत्व है कि ये कुपोषण और उससे होने वाली बीमारियों से लड़ने में सक्षम है। Food and Chemical Toxicology की रिसर्च के मुताबिक, मोरिंगा में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स लिवर को डिटॉक्स करते हैं और इसे डैमेज होने से बचाते हैं। आइए जानते हैं कि मोरिंगा के पत्तों को अगर रोज खाया जाए तो सेहत पर कैसा असर होता है।
ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मददगार
मोरिंगा की पत्तियां ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मददगार मानी जाती हैं। यह खासतौर पर डायबिटीज से जूझ रहे लोगों या खाने के बाद एनर्जी में उतार-चढ़ाव महसूस करने वालों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं। इनमें मौजूद तत्व इंसुलिन की संवेदनशीलता को बेहतर बनाते हैं और ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। Journal of Food Science and Technology में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार मोरिंगा के पत्तों में एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को लगभग 29% तक कम करने में मदद कर सकते हैं।
ब्रेन हेल्थ में करते हैं सुधार
मोरिंगा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं। इससे याददाश्त, एकाग्रता और संज्ञानात्मक क्षमता (Cognitive Function) को बनाए रखने में मदद मिलती है। संतुलित डाइट के साथ इसका सेवन मानसिक सेहत में सुधार करता है।
दिल की सेहत होती है बेहतर
मोरिंगा की पत्तियों में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स और प्लांट कंपाउंड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकते हैं। इससे हार्ट हेल्थ बेहतर होती है, ब्लड फ्लो सुधरता है और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।
नेचुरली इम्यूनिटी बढ़ाती हैं ये पत्तियां
मोरिंगा की पत्तियों में विटामिन A, C और आयरन भरपूर मात्रा में होता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। रोजाना थोड़ी मात्रा में इसका सेवन शरीर की इम्यूनिटी को नेचुरल तरीके से मजबूत करता है और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।
सूजन (Inflammation) को कम करने में है मददगार
लंबे समय तक रहने वाली सूजन कई क्रॉनिक बीमारियों से जुड़ी होती है। मोरिंगा की पत्तियों में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स से लड़कर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं और शरीर की सूजन को शांत करने में मदद करते हैं।
हड्डियों और पाचन तंत्र को मजबूत बनाती हैं
मोरिंगा कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर होती है, जो मजबूत हड्डियों और जोड़ों के लिए जरूरी हैं। इसके अलावा, इसमें मौजूद फाइबर और एंटी माइक्रोबियल गुण पाचन को बेहतर बनाते हैं और पेट से जुड़ी आम समस्याओं को कम करने में सहायक होते हैं।
निष्कर्ष
मोरिंगा की पत्तियों को संतुलित आहार के हिस्से के रूप में सीमित मात्रा में ही सेवन करें। किसी विशेष बीमारी या दवा के साथ इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
सर्दी में जरूरत से ज्यादा लग रही है ठंड, बस एक चुटकी इस हर्ब को खा लें ठंड होगी छूमंतर, आचार्य बालकृष्ण ने बताएं फायदे। पूरी जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें।
