केला एक ऐसा सुपर फूड है जो न सिर्फ किफायती है, बल्कि शरीर पर मल्टीविटामिन की गोली की तरह काम करता है। यह साल के 12 महीने आसानी से उपलब्ध रहने वाला फल है, फिर भी सर्दियों में कई लोग इसे खाने से कतराते हैं। आम धारणा है कि केला ठंड बढ़ाता है या सर्दी-जुकाम की समस्या पैदा करता है, जबकि सच्चाई इससे अलग है।
दरअसल केला ऊर्जा, पोटैशियम, फाइबर, विटामिन B6 और मैग्नीशियम का बेहतरीन स्रोत है। सर्दियों में जब शरीर को ज्यादा एनर्जी और इम्युनिटी सपोर्ट की जरूरत होती है, तब केला बेहद फायदेमंद साबित होता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक शुगर तुरंत ऊर्जा देती है और ठंड के मौसम में सुस्ती व कमजोरी को दूर करती है।
केले में मौजूद घुलनशील फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है, जो सर्दियों में आम होती है। साथ ही इसमें मौजूद पोटैशियम शरीर के तापमान संतुलन में मदद करता है और मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द को कम करता है। केला पेट के लिए हल्का होता है और एसिडिटी या गैस जैसी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है।
सेहत के लिए उपयोगी केले को लेकर लोगों के मन में डर रहता है कि केला खाने से सर्दी-जुकाम हो जाएगा। क्या वाकई सर्दी में केला खाना सेहत के लिए खतरनाक है? आयुर्वेद और मॉडर्न मेडिकल साइंस (Healthline) इस पर क्या कहते हैं? आइए जानते हैं केले से जुड़ी वो चौंकाने वाली रिसर्च जो आपकी हड्डियों, दिल और पाचन की सेहत बदल सकती है।
हड्डियों के लिए नेचुरल पेनकिलर है केला
सर्दियों में अक्सर लोगों को जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत होती है। हेल्थलाइन के अनुसार, केले में कैल्शियम, मैंगनीज और मैग्नीशियम का जबरदस्त कॉम्बिनेशन होता है। ये मिनरल्स हड्डियों के घनत्व को बढ़ाते हैं। हड्डियों के लिए सिर्फ कैल्शियम जरूरी है, लेकिन पोटैशियम भी जरूरी है। अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित शोध के अनुसार, पोटैशियम हड्डियों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर आप सर्दी के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द से बचना चाहते हैं, तो केला आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। आप रोजाना दो केला खाएं आपको फायदा होगा।
दिल और दिमाग का बॉडीगार्ड है केला
यूनाइटेड किंगडम की ‘लीड्स यूनिवर्सिटी’ के एक अध्ययन के मुताबिक केले जैसा हाई-फाइबर फूड दिल की बीमारियों और कोरोनरी हार्ट डिजीज के खतरे को कई गुना कम कर देता है। केले में मौजूद पोटेशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है और आपके मस्तिष्क को अधिक सतर्क (Alert) रखता है।
वजन घटाने और कब्ज मिटाने का अचूक नुस्खा
केले में घुलनशील (Soluble) और अघुलनशील (Insoluble) दोनों प्रकार के फाइबर होते हैं। मेडिकल साइंस के मुताबिक घुलनशील फाइबर पाचन को धीमा करता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है और आप फालतू कैलोरी लेने से बच जाते हैं। यह कब्ज के मरीजों के लिए किसी दवा से कम नहीं है।
आयुर्वेद ने दी है ये बड़ी चेतावनी
भले ही केला पोषण से भरपूर है, लेकिन आचार्य बालकृष्ण और आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार कुछ बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है। अगर आपको जल्दी गुस्सा आता है या पेट में जलन रहती है (पित्त दोष) तो केला संभलकर खाएं।
अगर आप पहले से ही कफ या श्वसन संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं, तो केला स्थिति बिगाड़ सकता है। आयुर्वेद के अनुसार रात में केला खाने से शरीर में ‘कफ’ और ‘बलगम’ बढ़ सकता है। इसे पचाने में समय लगता है जिससे सुबह सुस्ती महसूस होती है।
अगर सर्दियों में केला खाने से परहेज करते हैं, तो इसे सुबह नाश्ते में दूध के साथ दलिया या ओट्स में मिलाकर या हल्का पका हुआ केला खाना बेहतर विकल्प हो सकता है। सही तरीके और संतुलित मात्रा में सेवन करने पर केला हर मौसम में सेहत के लिए फायदेमंद रहता है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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