आजकल इंटरनेट और सोशल मीडिया ‘डायबिटीज रिवर्स’ करने के जादुई दावों और ट्रेंडिंग डाइट प्लान से भरा पड़ा है। लेकिन हकीकत यह है कि ब्लड शुगर को बैलेंस करने के लिए आपको हमेशा किसी ड्रामेटिक बदलाव या महंगे सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं होती। अक्सर हम ‘चमत्कार’ की तलाश में उन बुनियादी (Basic) बातों को भूल जाते हैं, जो विज्ञान की नजर में सबसे ज्यादा असरदार हैं।
प्रसिद्ध विशेषज्ञों और डॉक्टरों का मानना है कि डायबिटीज मैनेजमेंट कोई रॉकेट साइंस नहीं, बल्कि निरंतरता (Consistency) का खेल है। इस लेख में हम उन 5 साधारण लेकिन बेहद शक्तिशाली तरीकों के बारे में जानेंगे, जो भले ही सोशल मीडिया पर ट्रेंड न कर रहे हों, लेकिन आपके ब्लड शुगर लेवल को पूरे साल नॉर्मल रखने की गारंटी देते हैं। अगर आप भी जटिल डाइट चार्ट्स और थकाऊ रूटीन से थक चुके हैं, तो डॉक्टर द्वारा सुझाए गए ये ‘नो-नॉनसेन्स’ टिप्स आपकी जिंदगी बदल सकते हैं।
डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. वी. मोहन (Dr. V. Mohan) ने बताया कि डायबिटीज़ मरीज़ों के पास पहले से कहीं ज़्यादा टूल्स हैं जैसे स्मार्ट ग्लूकोमीटर, मोबाइल ऐप्स और बेहद असरदार दवाएं, फिर भी डायबिटीज़ बिगड़ती है, क्योंकि रोज़मर्रा के बेसिक्स जिंदगी से खत्म होते जा रहे हैं। एक्सपर्ट ने बताया कि वो अपने मरीजों को डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए कुछ सिंपल रूटीन को अपनाने की सलाह देते हैं। कुछ सिंपल रूटीन को अपनाकर आप आसानी से ब्लड में शुगर के स्तर को कंट्रोल कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से ऐसे टूल्स हैं जो ब्लड शुगर नॉर्मल रखने में मदद करते हैं।
परफेक्शन नहीं, स्टेबिलिटी के लिए खाएं
डायबिटीज मरीजों को ब्लड शुगर नॉर्मल रखने के लिए किसी फैंसी डाइट की जरूरत नहीं है। आप नियमित समय पर खाना खाएं, बैलेंस्ड प्लेट, पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर का सेवन करें ये डायबिटीज में असरदार साबित होता है। डाइट में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना ही इस बीमारी को कंट्रोल करने का असली इलाज है। एक्सपर्ट ने बताया भूखे रहना और बाद में ज़्यादा खा लेना, एक मिठाई खाने से ज़्यादा नुकसान करता है।
रोज़ चलें-फिरें, भले हल्का ही क्यों न हो
अक्सर लोग सोचते हैं कि एक्सरसाइज़ तभी काम करती है जब वो बहुत हार्ड हो। असल में खाने के बाद टहलना, हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और स्ट्रेचिंग जैसी एक्सरसाइज शुगर के उतार-चढ़ाव को रोकते हैं। लगातार और नियमित रूप से की जाने वाली एक्सरसाइज, कभी-कभार की जाने वाली ज़ोरदार एक्सरसाइज़ से ज़्यादा फायदेमंद होती है।
एक रीडिंग नहीं, पैटर्न देखें
एक बार शुगर बढ़ना कोई फेलियर नहीं, बस एक जानकारी है। अक्सर लोग ब्लड शुगर की रीडिंग हाई होने पर घबराहट में मॉनिटरिंग करना बंद कर देते हैं और यहीं से कॉम्प्लिकेशंस धीरे-धीरे शुरू होते हैं। ब्लड शुगर मॉनिटरिंग जानकारी है जिसे आप शांति से समझें और शुगर को मैनेज करें।
नींद और तनाव मेडिकल इश्यू हैं
एक्सपर्ट का कहना है कि नींद और तनाव अब सिर्फ लाइफस्टाइल नहीं, बल्कि गंभीर मेडिकल इश्यू बन चुके हैं। अगर नींद पूरी और गहरी नहीं है, तो ब्लड शुगर को कंट्रोल करना भी मुश्किल हो जाता है। दरअसल, खराब नींद और लगातार तनाव का सीधा असर इंसुलिन की कार्यक्षमता, वज़न बढ़ने और मोटिवेशन घटने पर पड़ता है, जिससे डायबिटीज़ मैनेजमेंट और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
दवाएं सहारा हैं, विकल्प नहीं
एक्सपर्ट के अनुसार, डायबिटीज़ को कंट्रोल करने में नई दवाएं जरूर मदद कर सकती हैं। ये दवाएं भूख को नियंत्रित करती हैं, ब्लड शुगर लेवल सुधारती हैं और दिल की सेहत को बेहतर बनाती हैं। लेकिन एक्सपर्ट साफ तौर पर कहते हैं कि दवाएं कभी भी सही आदतों की जगह नहीं ले सकतीं। अगर खानपान, एक्सरसाइज़, नींद और स्ट्रेस जैसे बेसिक्स पर ध्यान न दिया जाए, तो सबसे बेहतरीन दवा भी असर नहीं दिखा पाती।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
सर्दी में जरूरत से ज्यादा लग रही है ठंड, बस एक चुटकी इस हर्ब को खा लें ठंड होगी छूमंतर, आचार्य बालकृष्ण ने बताएं फायदे। पूरी जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें।
