इन्फ्लेमेशन यानी सूजन हर इंसान की बॉडी में होती है। बिना इन्फ्लेमेशन के हमारा जीवित रहना नामुमकिन है। यह सूजन शरीर की इम्यूनिटी (Defense Mechanism) का एक हिस्सा है जो हमें संक्रमण, चोट और बीमारियों से बचाती है। जब शरीर में कोई इन्फेक्शन, चोट, बैक्टीरिया, वायरस या टॉक्सिन प्रवेश करते हैं, तो इम्यून सिस्टम तुरंत सक्रिय हो जाता है। इस दौरान प्रभावित हिस्से में खून का प्रवाह बढ़ता है, सफेद रक्त कोशिकाएं (White Blood Cells) वहां पहुंचती हैं, शरीर रोगाणुओं से लड़ने और क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत करना शुरू करता है।  इसी प्रक्रिया को इन्फ्लेमेशन कहा जाता है। इसके लक्षण अक्सर लालिमा, सूजन, दर्द, गर्माहट और कभी-कभी बुखार के रूप में दिखते हैं।

आजकल कई गंभीर बीमारियों की जड़ क्रॉनिक या लगातार बनी रहने वाली सूजन (Inflammation) है। एक्सपर्ट के अनुसार, शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे सूजन पैदा होती है। एक बार सूजन की प्रक्रिया शुरू हो जाए तो यह लंबे समय तक बनी रहती है और धीरे-धीरे कई बीमारियों को जन्म देती है।

गैस्ट्रो लिवर हॉस्पिटल कानपुर में गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉक्टर वीके मिश्रा का कहना है कि लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन हार्ट डिजीज, डायबिटीज, कैंसर, आर्थराइटिस और यहां तक कि डिप्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ा देती है। यही वजह है कि इन्फ्लेमेशन को कंट्रोल करना आज की सबसे बड़ी हेल्थ जरूरत बन गया है। इन्फ्लेमेशन से बचाव में डाइट की अहम भूमिका है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ दवाइयों के भरोसे सूजन को पूरी तरह कंट्रोल नहीं किया जा सकता। इसके लिए एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करना बेहद जरूरी है। कुछ एंटी इंफ्लामेटरी फूड्स हैं जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं और सूजन को कंट्रोल करते हैं। इन फूड्स का सेवन करने से लंबे समय तक गंभीर बीमारियों का जोखिम घटता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि बॉडी की सूजन को कंट्रोल करने के लिए कौन-कौन से फूड्स का सेवन करें।

बादाम

एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स में सबसे पहले नाम आता है बादाम का। इसमें मोनो-अनसैचुरेटेड फैट, विटामिन E, मैग्नीशियम और प्लांट प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। रिसर्च बताती है कि रोजाना बादाम खाने से हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है, फैटी एसिड बैलेंस बेहतर रहता है और लंबे समय तक पेट भरा रहता है।

एवोकाडो

एवोकाडो को हार्ट-हेल्दी फैट्स का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसमें फाइबर, पोटैशियम और मैग्नीशियम के साथ-साथ पॉलीफेनॉल्स होते हैं, जो शक्तिशाली एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं।

ब्रोकली

ब्रोकली क्रूसिफेरस सब्जियों में शामिल है और इसमें ग्लूकोसिनोलेट नामक फाइटोकेमिकल पाया जाता है। ये सूजन कम करने के साथ-साथ शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। इसमें विटामिन C, कैल्शियम, पोटैशियम और विटामिन A भी अच्छी मात्रा में होता हैं। कम कैलोरी होने के कारण यह वेट लॉस डाइट में भी फायदेमंद है।

ब्लूबेरी

ब्लूबेरी को एंटीऑक्सीडेंट्स का पावर हाउस कहा जाता है। इसमें फ्लेवोनॉयड्स और पॉलीफेनॉल्स होते हैं, जो कोशिकाओं को फ्री रेडिकल डैमेज से बचाते हैं और सूजन की प्रक्रिया को धीमा करते हैं।

गाजर

गाजर बीटा-कैरोटीन का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर में जाकर विटामिन A में बदल जाता है। इसमें ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन भी पाए जाते हैं, जो आंखों की सेहत के साथ-साथ सूजन और कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करते हैं।

बीन्स

राजमा, ब्लैक बीन्स और अन्य दालें प्लांट प्रोटीन, फाइबर, मिनरल्स और पॉलीफेनॉल्स से भरपूर होती हैं। ये खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद हैं, जो मांसाहार नहीं करते। बीन्स शरीर में सूजन कम करने के साथ-साथ प्रोटीन की जरूरत भी पूरी करती हैं।

केल (Kale)

केल को सुपरफूड माना जाता है। इसमें विटामिन A, C, K, कैल्शियम, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं। इसमें मौजूद ग्लूकोसिनोलेट्स कैंसर से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं, जबकि ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन आंखों की बीमारियों का खतरा घटाते हैं।

क्यों जरूरी है सूजन को समय रहते कंट्रोल करना

विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अगर शरीर में सूजन लंबे समय तक बनी रहे तो यह धीरे-धीरे बड़ी बीमारियों का रूप ले लेती है। इसलिए इन्फ्लेमेशन को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। सही डाइट, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फूड्स और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर सूजन को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

निष्कर्ष

इन्फ्लेमेशन को कंट्रोल करने के लिए दवाइयों के साथ-साथ डाइट में बदलाव जरूरी है। एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स को रोजमर्रा के खाने में शामिल कर आप न सिर्फ सूजन कम कर सकते हैं, बल्कि कई गंभीर बीमारियों से भी खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।

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