Coronavirus Effects: कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। WHO ने भी इस घातक वायरस को वैश्विक महामारी घोषित कर दिया है। इसके अलावा, भारत समेत कई देशों में भी हेल्थ इमरजेंसी के हालात बने हुए है। पूरी दुनिया में अब तक 5 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौतें इस वायरस के वजह से जा चुकी है, जबकि भारत में भी कोरोना वायरस के 2 मरीजों की मौत हो गई है। ‘भाषा’ में छपे एक नए अध्ययन से इस बात का संकेत मिलता है कि ये वायरस इतना भयानक है कि इस वायरस से पीड़ित वैसे लोग जिनमें अब तक लक्षण भी न देखे गए हों, वो भी दूसरों को संक्रमित करने में सक्षम हैं।
लक्षण नजर आने से पहले ही फैल जाता है कोरोना वायरस: इस खबर के अनुसार, नॉवेल कोरोना वायरस का अध्ययन कर रहे अनुसंधानकर्ताओं को पता चला है कि व्यक्ति से व्यक्ति में संक्रमण फैलने में एक हफ्ते से कम का वक्त लगता है और करीब 10 प्रतिशत मरीजों में यह संक्रमण वायरस से प्रभावित ऐसे व्यक्ति से फैलता है जिसमें अब तक लक्षण नजर आने शुरू भी नहीं हुए हैं। यह ऐसी खोज है जो इस महामारी को रोक पाने में जन स्वास्थ्य अधिकारियों की मदद कर सकती है।
चीन में संक्रमण फैलने में लगा था 4 दिन का समय: यूनिर्विसटी ऑफ टेक्सस समेत अन्य विश्वविद्यालयों के अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने के बीच में औसतन चार दिन का समय लगा था। उनका कहना है कि महामारी फैलने की गति दो बातों पर निर्भर करती है- एक व्यक्ति अन्य कितने लोगों को संक्रमित करता है और दूसरा, अन्य सभी व्यक्तियों में इसे फैलने में कितना वक्त लगता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पहली स्थिति को प्रतिकृति संख्या और दूसरी को सिलसिलेवार अंतराल कहा जाता है। खबर के अनुसार, कोरोना वायरस के कारण होने वाली बीमारी कोविड-19 का सिलसिलेवार अंतराल कम होने की वजह से प्रकोप तेजी से बढ़ेगा और इसे रोकना मुश्किल होगा।
फ्लू की तरह भी फैल सकता है कोरोना वायरस: यूनिर्विसटी ऑफ टेक्सस से सह-अनुसंधानकर्ता लॉरेन एंसेल मेयर्स ने कहा, ‘‘इबोला का सिलसिलेवार अंतराल कई हफ्ते था जिसे कुछ दिनों के अंतराल वाले इंफ्लुएंजा से रोकना ज्यादा आसान है।’’ मेयर्स ने कहा कि डाटा से पता चलता है कि कोरोना वायरस फ्लू की तरह फैल सकता है और इसका मतलब है कि उभरते खतरे से निपटने के लिए हमें ज्यादा तेजी एवं आक्रामकता से बढ़ना होगा।

