Eye Stye Problem: आंख में गुहेरी होना एक आम दिक्कत है, लेकिन जब यह होती है तो दर्द, सूजन और जलन के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। शुरुआत में यह पलक पर छोटी सी सूजन या दाने की तरह दिखाई देती है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय पर ध्यान न देने पर यह समस्या बढ़ सकती है और आंखों से जुड़ी दूसरी परेशानियों की वजह भी बन सकती है। इसलिए गुहेरी के बारे में सही जानकारी और समय पर देखभाल बेहद जरूरी है।

गुहेरी को मेडिकल भाषा में स्टाई कहा जाता है। यह आमतौर पर बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण होती है। गंदे हाथों से आंख छूना, बार-बार आंखों को रगड़ना, आंखों की सही सफाई न रखना और कमजोर इम्युनिटी इसके मुख्य कारण माने जाते हैं। इसके अलावा ज्यादा थकान, नींद की कमी, लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप देखना और पुराना या गंदा मेकअप इस्तेमाल करना भी गुहेरी होने का खतरा बढ़ा देता है।

गुहेरी के लक्षण कैसे पहचानें

गुहेरी के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। शुरुआत में आंख की पलक पर हल्की लालिमा और सूजन दिखाई देती है। इसके बाद दर्द, जलन, आंखों में भारीपन और कभी-कभी पानी आने की शिकायत हो सकती है। कई मामलों में पलक पर छोटी सी गांठ या फोड़ा बन जाता है, जो छूने पर दर्द करता है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो सूजन और दर्द दोनों बढ़ सकते हैं।

गर्म पानी से सिकाई करें

गुहेरी होने पर सबसे पहला और असरदार घरेलू उपाय गर्म पानी से सिकाई करना है। इसके लिए एक साफ कपड़े को हल्के गर्म पानी में भिगोकर निचोड़ लें और बंद आंख पर रखें। इससे सूजन कम होती है और दर्द में राहत मिलती है। दिन में दो से तीन बार करीब दस मिनट तक सिकाई करने से फोड़ा जल्दी पकता है और ठीक होने लगता है। इस दौरान कपड़े की सफाई का खास ध्यान रखें।

एलोवेरा जेल से मिलेगी ठंडक और आराम

एलोवेरा में एंटीबैक्टीरियल और ठंडक देने वाले गुण होते हैं, जो गुहेरी में काफी मददगार साबित होते हैं। ताजा एलोवेरा जेल को हल्के हाथ से आंख के बाहर प्रभावित हिस्से पर लगाएं। ध्यान रखें कि जेल आंख के अंदर न जाए। दिन में एक या दो बार इसका इस्तेमाल करने से जलन, लालिमा और सूजन में आराम मिल सकता है।

हल्दी

हल्दी भारतीय घरों में औषधि के रूप में इस्तेमाल की जाती है। इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक गुण संक्रमण को कम करने में मदद करते हैं। एक चुटकी हल्दी को साफ पानी में मिलाकर पतला लेप बनाएं और आंख के बाहर की त्वचा पर हल्के से लगाएं। ध्यान रखें कि हल्दी आंख के अंदर न जाए, वरना जलन बढ़ सकती है।

आंखों की साफ-सफाई का रखें ध्यान

गुहेरी के दौरान आंखों की सफाई सबसे ज्यादा जरूरी होती है। आंखों को बार-बार छूने या रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे बैक्टीरिया फैल सकते हैं। हमेशा साफ हाथों से ही आंखों के आसपास कोई उपाय करें। कुछ दिनों तक काजल, आईलाइनर और अन्य आई मेकअप का इस्तेमाल न करें। अपना तौलिया और रूमाल अलग रखें, ताकि संक्रमण दूसरों तक न फैले।

आराम और नींद से जल्दी मिलेगा आराम

पर्याप्त आराम और अच्छी नींद गुहेरी को जल्दी ठीक करने में मदद करती है। नींद पूरी न होने से शरीर की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे संक्रमण ठीक होने में समय लगता है। गुहेरी होने पर मोबाइल, टीवी और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें और आंखों को समय-समय पर आराम दें।

खानपान

गुहेरी के दौरान सही खानपान बहुत जरूरी है। ज्यादा पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और सूजन कम होती है। हरी सब्जियां, फल और विटामिन ए से भरपूर चीजें आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं। तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना कम करें, ताकि शरीर में सूजन न बढ़े।

निष्कर्ष

अक्सर गुहेरी घरेलू उपायों से ठीक हो जाती है, लेकिन अगर सूजन और दर्द ज्यादा बढ़ जाए, आंख से ज्यादा पानी या पस आने लगे या कई दिनों तक आराम न मिले, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

अंकुरित अनाज पोषण का खजाना हैं और सर्दियों में पाचन सुधारने का आसान प्राकृतिक तरीका भी। बस जरूरी है कि इन्हें सही मात्रा और सही तरीके से खाया जाए। पूरी जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें।