Common Flu and Covid-19: पिछले कुछ दिनों में कोविड-19 के वैक्सीन इजाद होने की खबर से जहां लोगों को कुछ हद तक तसल्ली मिली थी। मगर ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन से दुनिया भर की जनता दोबारा चिंतित हो गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो इस खतरनाक वायरस का ये स्ट्रेन बेहद संक्रामक हा सकता है। इस कारण कई देशों में दोबारा लॉकडाउन लगा दिया गया है। वहीं, कई दूसरे देशों ने इंग्लैंड समेत ब्रिटेन जाने वाले विमानों की आवाजाही रोक दी है। भारत में भी कोरोना वायरस से संक्रमित कुल लोगों की संख्या 1 करोड़ से अधिक पहुंच चुकी है। ऐसे में सरकार के साथ आम जनता भी इससे बचाव के तमाम तरीके अपनाने में जुटी है।
हालांकि, सर्दियों के मौसम में लोगों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस मौसम में सामान्य फ्लू से पीड़ित होने का खतरा भी बना रहता है।
नॉर्मल फ्लू से कितना खतरनाक है कोविड-19: नई दिल्ली के लोकनायक अस्पताल के डॉ. नरेश गुप्ता के मुताबिक वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण हो रही मौतें सामान्य फ्लू से करीब पांच से आठ गुना ज्यादा है। उनके मुताबिक कोरोना किस व्यक्ति को कैसे प्रभावित करता है, इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। यहीं नहीं, इस वायरस से पीड़ित लोगों में ज्यादा बीमार पड़ने का खतरा बना रहता है।
फ्लू की दवाइयां उपलब्ध हैं: वो कहते हैं कि फ्लू के बेहतर इलाज उपलब्ध हैं, जबकि कोरोना वायरस को लेकर अब तक ये नहीं कहा जा सकता है। अभी वैक्सीन और दूसरे इलाज को आने में वक्त लगेगा। हालांकि, डॉ. गुप्ता ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में कोविड-19 और फ्लू के बीच अंतर खत्म हो जाए।
क्या है नॉर्मल फ्लू और कोविड के बीच अंतर: आमतौर पर सामान्य फ्लू से पीड़ित लोगों को बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, गले में खराश और नाक बहने की शिकायत हो सकती है। वहीं, कोविड-19 से संक्रमित लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है। इसके अलावा, इन्हें सूखी खांसी भी हो सकती है। इसके अलावा, तेज बुखार, थकान, किसी गंध का आभास नहीं होना भी इस वायरस के लक्षण हैं।
