कभी आपने महसूस किया है कि चलते-चलते अचानक पैरों के नीचे की जमीन जैसे खिसक गई हो, आंखों के आगे अंधेरा छा गया हो या कुछ पलों के लिए ऐसा लगा हो कि पूरा कमरा घूम रहा है? अक्सर हम इसे थकान, भूख या कमजोरी कहकर टाल देते हैं और कुछ देर बैठकर खुद को संभाल लेते हैं। लेकिन अगर यह एहसास बार-बार होने लगे तो यह केवल थकान या कमजोरी नहीं, बल्कि शरीर में छिपी किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। कई बार यह लो ब्लड प्रेशर, एनीमिया या न्यूरोलॉजिकल दिक्कतों से जुड़ा होता है। अगर आपको अक्सर सिर घूमने या असंतुलन महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में आइए डॉक्टर से जानते हैं इसके पीछे की असली वजह और उपाय…

किसी भी उम्र में हो सकती है चक्कर आने की समस्या

चक्कर आने की परेशानी किसी एक उम्र या जेंडर तक सीमित नहीं है। यह बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सभी को हो सकती है। कई लोगों को सुबह उठते ही आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है, तो कुछ को अचानक खड़े होने पर संतुलन बिगड़ने लगता है। कई मामलों में चक्कर के साथ मतली, उल्टी, पसीना आना या सिर भारी लगना भी शामिल होता है। ये लक्षण न सिर्फ रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, बल्कि मानसिक तनाव और आत्मविश्वास की कमी भी पैदा करते हैं।

चक्कर आना क्या संकेत देता है?

यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट जनरल फिजिशियन डॉ. के. शशि किरण के अनुसार, अगर बिना किसी वजह के बार-बार चक्कर आ रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चक्कर आने की स्थिति में व्यक्ति को ऐसा लगता है जैसे आसपास की चीजें घूम रही हों या खुद का संतुलन बिगड़ रहा हो। अगर यह समस्या बार-बार या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसके पीछे कोई गंभीर अंदरूनी कारण हो सकता है।

वर्टिगो

अगर चक्कर आने के दौरान ऐसा महसूस हो कि पूरा कमरा या आसपास की चीजें घूम रही हैं, तो यह वर्टिगो हो सकता है। यह समस्या अक्सर कान के अंदर मौजूद बैलेंस सिस्टम में गड़बड़ी के कारण होती है। मेनियर्स डिजीज, कान में इंफेक्शन या अंदरूनी कान की परेशानी इसके मुख्य कारण हैं। डॉ. शशि किरण बताते हैं कि वर्टिगो में चक्कर अचानक और तेज आते हैं, जो कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक रह सकते हैं।

लो ब्लड प्रेशर भी है बड़ा कारण

बार-बार चक्कर आने का सबसे आम कारण लो ब्लड प्रेशर है। शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन के कारण ब्लड प्रेशर गिर सकता है, जिससे चक्कर आने लगते हैं। गर्मी के मौसम में, ज्यादा पसीना आने पर या पर्याप्त पानी न पीने वालों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। अचानक बैठी अवस्था से खड़े होने पर चक्कर आना भी लो ब्लड प्रेशर का संकेत हो सकता है।

एनीमिया

महिलाओं में बार-बार चक्कर आने की एक बड़ी वजह एनीमिया यानी खून की कमी है। शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे चक्कर, कमजोरी और थकान महसूस होती है। डॉ. के. शशि किरण के अनुसार, पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग, गलत खानपान और आयरन की कमी एनीमिया को बढ़ाती है। इसलिए महिलाओं को समय-समय पर खून की जांच जरूर करानी चाहिए।

दिल और दिमाग से जुड़ी बीमारियों का संकेत

कई बार चक्कर आना दिल या दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारियों का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है। अनियमित हार्टबीट, हार्ट की पंपिंग क्षमता कम होना या स्ट्रोक की शुरुआती अवस्था में चक्कर आने लगते हैं। अगर चक्कर के साथ बोलने में दिक्कत, हाथ-पैर सुन्न होना, तेज सिरदर्द या नजर कमजोर होना जैसी शिकायत हो, तो इसे इमरजेंसी समझकर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

डॉक्टर से कब मिलना जरूरी है?

अगर चक्कर बार-बार आ रहे हों, लंबे समय तक बने रहें या इनके साथ बेहोशी, सीने में दर्द, उल्टी, नजर धुंधली होना या कमजोरी बढ़ती जा रही हो, तो देर न करें। सही जांच के बाद ही चक्कर आने की असली वजह पता चल सकती है और उसी के अनुसार इलाज किया जा सकता है।

निष्कर्ष

बार-बार चक्कर आना सिर्फ सामान्य कमजोरी नहीं, बल्कि कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। डॉ. के. शशि किरण के अनुसार, इस समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते कारण जानना और सही इलाज कराना बेहद जरूरी है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित हेल्थ चेकअप और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर चक्कर आने की समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

गुहेरी के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। शुरुआत में आंख की पलक पर हल्की लालिमा और सूजन दिखाई देती है। इसके बाद दर्द, जलन, आंखों में भारीपन और कभी-कभी पानी आने की शिकायत हो सकती है। पूरी जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें।