जोड़ों का दर्द और नसों की कमजोरी आजकल आम समस्या बन चुकी है, जिसका सबसे बड़ा कारण है गलत लाइफस्टाइल, पोषण की कमी और बढ़ता तनाव। जब शरीर में कैल्शियम, विटामिन D और विटामिन B12 की कमी होने लगती है तो हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और नसों तक पोषण नहीं पहुंच पाता, जिससे दर्द, सुन्नपन और झनझनाहट महसूस होती है। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर भी नसों को नुकसान पहुंचाते हैं और ब्लड सर्कुलेशन कम कर देते हैं। इसके अलावा मोटापा, ज्यादा देर तक एक ही जगह बैठना, यूरिक एसिड बढ़ना, पुरानी चोटें और हार्मोनल असंतुलन भी जोड़ों में सूजन और जकड़न पैदा करते हैं।

नसों की कमजोरी तब और बढ़ जाती है जब नींद पूरी नहीं होती, तनाव ज्यादा होता है या धूम्रपान और शराब का सेवन किया जाता है। ऐसे में शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है, और हाथ-पैरों में दर्द, जकड़न, थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। सही पोषण, नियमित व्यायाम और समय पर इलाज इन दोनों समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित कर सकता हैं।

कुछ घरेलू नुस्खे हड्डियों को मजबूत करते हैं और नसों की कमजोरी को दूर करते हैं। आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी के मुताबिक नसों की कमजोरी को दूर करने के लिए हड्डियों और जोड़ों के दर्द को दूर करने के लिए, सूजन कंट्रोल करने के लिए किचन में मौजूद दालचीनी, लौंग और इलायची का पानी बेहद असरदार साबित होता है। ये पानी शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है, नसों की कमजोरी दूर करता है और मांसपेशियों व जोड़ों के दर्द में गजब का आराम देता है। इसका सेवन करने से थकान और कमजोरी दूर होती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि नसों की ब्लॉकेज को कंट्रोल करने में ये तीनों मसाले कैसे असर करते हैं।

दालचीनी (Cinnamon) कैसे नसों की ब्लॉकेज खोलती है

दालचीनी में सिनेमल्डिहाइड मौजूद होता है जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। नसों में जमा फैट और टॉक्सिन्स को पिघलाने में ये मसाला मदद करता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की सूजन कम करते हैं, जिससे दर्द और stiffness से राहत मिलती है। दालचीनी ब्लड शुगर कंट्रोल कर नसों को होने वाले नुकसान से बचाती है।

लौंग (Cloves)

लौंग का सेवन करने से सूजन कंट्रोल होती है और दर्द से राहत मिलती है। लौंग में पाया जाने वाला यूजिनॉल एक प्राकृतिक painkiller है जिसका सेवन करने से दर्द से राहत मिलती है। इसमें एंटी इंफ्लामेटरी कंपाउंड भी मौजूद होता है जो नसों में सूजन, जलन, झनझनाहट और जकड़न को कम करता है।ये मसाला मांसपेशियों की स्टिफनेस दूर करता है और ज्वाइंट को फ्लैक्सीबल बनाता है। इसके एंटीसेप्टिक गुण शरीर को infection से बचाते हैं, जिससे दर्द की वजहें कम होती हैं।

इलायची (Cardamom)

नसों और हड्डियों को पोषण देने में इलायची का सेवन असरदार साबित होता है।  बड़ी इलायची में पोटैशियम और मैग्नीशियम भरपूर होता है, जो नसों को मजबूत करता है।
ये मसाला ब्लड प्रेशर को नेचुरली बैलेंस कर ब्लड फ्लो बेहतर बनाता है। इसका सेवन करने से शरीर डिटॉक्स होता है, हड्डियों और नसों तक सही पोषण पहुंचता है। इलायची नसों और मसल्स को रिलेक्स करती है और ज्वाइंट स्टिफनेस को कंट्रोल करती है।

इन तीनों मसालों का सेवन कैसे करें

इन तीनों को एक गिलास पानी में उबालकर 2–3 मिनट पकाने से ये पानी दर्द, सूजन और नसों की कमजोरी की दवा बन जाता है। रात के खाने के बाद इसका सेवन शरीर में ब्लड फ्लों को बढ़ाता है, सूजन घटाता है और दर्द कम करता है। 14–15 दिन नियमित लेने पर नसों की कमजोरी, जोड़ों का दर्द और थकान में राहत मिलती है।

नसों को खोलने और दर्द दूर करने वाला नुस्खा सामग्री1 छोटा टुकड़ा दालचीनी1 बड़ी इलायची (काली इलायची2 लौंग (हल्का कूटी हुई1 गिलास पानीथोड़ा गुड़ या शहद अगर डायबिटीज है तो न लेंकैसे बनाएंएक स्टील के बर्तन में 1 गिलास पानी गर्म करे। पानी में उबाल आने पर उसमें दालचीनी, बड़ी इलायची और लौंग डाल दें। 2–3 मिनट तक उबालें ताकि सारा अर्क पानी में मिल जाए। अब ठंडा करें और उसका सेवन करें। मीठा पसंद हो तो ठंडा होने के बाद थोड़ा गुड़ डाल सकते हैं।

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