अजवाइन किचन में मौजूद एक ऐसा मसाला है, जो न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि आयुर्वेद में इसे एक शक्तिशाली औषधि के रूप में भी माना जाता है। सेहत के लिहाज़ से अजवाइन के गुण बेहद प्रभावशाली हैं। अगर आप अपने दिन की शुरुआत सुबह खाली पेट एक चम्मच अजवाइन के पानी से करते हैं, तो ये शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता। आजकल वजन घटाने के लिए अजवाइन के पानी को एक नेचुरल और असरदार ड्रिंक माना जा रहा है। इसमें मौजूद थायमोल, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स पाचन तंत्र को सक्रिय करते हैं, जिससे खाना जल्दी और सही तरीके से पचता है। बेहतर पाचन का सीधा असर मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है और यह तेजी से कैलोरी बर्न करने में मदद करता है।

अजवाइन का पानी गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्याओं से राहत देता है। ये आंतों को साफ रखने में मदद करता है और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में सहायक होता है। ये पानी पेट की गैस, ब्लोटिंग (bloating) और अपच की समस्या को कंट्रोल करता है। आइए जानते हैं कि अजवाइन का पानी पीने से कैसे वजन कंट्रोल होता है और पाचन दुरुस्त होता है।

अजवाइन का पानी कैसे वजन को करता है कंट्रोल

अजवाइन का पानी पीने से मेटाबॉलिक रेट में सुधार होता है। Biomedicine & Pharmacotherapy में छपे शोध के अनुसार अजवाइन का पानी मेटाबॉलिज्म की दर को बढ़ाता है। जब आपका मेटाबॉलिज्म तेज होता है, तो शरीर आराम की स्थिति में भी अधिक कैलोरी बर्न करता है, जो वजन घटाने की प्रक्रिया को गति देता है। पशुओं और मनुष्यों पर किए गए कुछ शोध बताते हैं कि अजवाइन के बीज ट्राइग्लिसराइड्स और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। यह शरीर में चर्बी के संचय (Fat accumulation) को रोकने में मदद करता है।

ये पानी एक प्राकृतिक ‘मूत्रवर्धक’ (Diuretic) के रूप में काम करता है। ये शरीर से Toxins को बाहर निकालता है और ‘वॉटर रिटेंशन’ यानी शरीर में पानी जमा होने से होने वाली सूजन को कम करता है, जिससे वजन में हल्कापन महसूस होता है। रिसर्च सुझाव देती हैं कि इसके अधिकतम लाभ के लिए 2 चम्मच अजवाइन को रात भर 1 गिलास पानी में भिगोकर रखें और सुबह उसे उबालकर, छानकर गुनगुना होने पर पिएं।

ये पानी पेट को कैसे रखता है दुरुस्त

रोजाना अजवाइन के पानी का सेवन करने से पाचन दुरुस्त रहता है। ये पानी पाचक एंजाइमों को सक्रिय करता है।  Journal of Food Quality में प्रकाशित अध्ययन बताते हैं कि अजवाइन में ‘थाइमोल’ (Thymol) नामक एक सक्रिय घटक होता है। यह पेट में गैस्ट्रिक जूस और पाचक एंजाइमों के स्राव को उत्तेजित करता है। इससे भोजन का टूटना आसान हो जाता है और गैस,ब्लोटिंग और अपच की समस्या से तुरंत राहत मिलती है। अजवाइन के एंटी-स्पास्मोडिक गुण नसों और मांसपेशियों के संकुचन को शांत करते है। मेडिकल रिसर्च के अनुसार, यह पेट और आंतों की मांसपेशियों को आराम देता है, जिससे पुरानी कब्ज और एसिडिटी में राहत मिलती है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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