Atibala Plant Benefits: प्रकृति ने हमें कई अद्भुत औषधियां दी हैं। आयुर्वेद में कई पौधों और पत्तियों का उपयोग औषधीय जड़ी-बूटियों के रूप में किया जाता है। हमारे आसपास कई ऐसी चीजें मौजूद हैं जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी होती हैं, बस इन्हें पहचान नहीं पाते। आपने सड़क किनारे एक पौधा जरूर देखा होगा, जिसमें पीले रंग के फूल लगे हुए होते हैं और छूने पर थोड़ा रोएंदार महसूस होता है। ये पौधा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और कई प्रकार के पोषक तत्व मौजूद रहते हैं। इसकी पत्तियां, फूल, तना और अंगुलियां सभी स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। चलिए आपको बताते हैं ये कौन सा पौधा है और इसके क्या फायदे हैं।
मसूड़ों की सूजन से छुटकारा
इस पौधे का नाम अतिबला (Atibala) है। अतिबला पौधे की पत्तियों को पानी में उबाल लें। इस पानी गरारे करें। ऐसा दिन में दो से तीन बार करें। ऐसा करने से दांतों और मसूड़ों के दर्द से राहत मिलेगी। यह दांतों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में उपयोगी है। इससे सांसों की दुर्गंध से भी राहत मिलती है। यह मसूड़ों की सूजन से छुटकारा दिलाने में उपयोगी है।
बच्चों के लाभकारी
यह सांस संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में भी बहुत उपयोगी है। पत्तों का काढ़ा अंगूर और चीनी के साथ मिलाकर पीने से कफ वाली खांसी कम हो जाती है। अतिबला बच्चों में स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में भी उपयोगी है। इन पत्तों को पानी में उबाल लें। फिर उस पानी में थोड़ा सा गुड़ मिला लें। इसके बाद यह मिश्रण बच्चों को दिया जाए तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कम हो जाएंगी।
पेट दर्द होगा कम
पौधे की मजबूत जड़ पेचिश और मूत्र में रक्त से पीड़ित लोगों के लिए उपयोगी है। अगर आप दिन में 2 बार उंगलियों से बना काढ़ा पिएंगे तो सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। यह पेट दर्द के लिए भी उपयोगी है। अतिबला, पृष्णपर्णी, कटेरी, लाख और धनिया को दूध में मिलाकर पीने से पेट दर्द कम हो जाता है। अतिबला के बीजों का सेवन भी फायदेमंद होता है।
शरीर को मिलेगा ऊर्जा
अगर आप बोर हो गए हैं तो आपको अतिबला के बीजों को पकाकर खाना चाहिए। इससे बोरियत कम होती है और शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है।
Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।
