गर्मी में मौसम में पसीना आने से शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है। जिसके कारण बार-बार गला सूखता है और प्यास लगती है। कभी-कभी तो शरीर में पानी की कमी की वजह से डिहाइड्रेशन भी हो जाता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स भी गर्मी के मौसम में ज्यादा-से-ज्यादा लिक्विड डाइट लेने की सलाह देते हैं। हालांकि, अगर गर्मी के साथ ही अन्य सभी मौसम में भी आपको अधिक प्यास लग रही है और आपका गला सूख रहा है तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।

क्योंकि कई ऐसी बीमारियां हैं, जिनमें बार-बार प्यास लगने की समस्या होती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक कई बार अंडरलाइंग स्वास्थ्य संबंधी सम्स्याएं भी आपके गले को सूखा महसूस करा सकती हैं। ऐसे में आपको सतर्क रहने की बहुत आवश्यकता है।

डायबिटीज: मधुमेह से ग्रसित लोगों को बार-बार बाथरूम के चक्कर काटने पड़ते हैं। जिसके कारण वह ज्यादातर प्यासा ही महसूस करते हैं। दरअसल, जब शरीर के सेल्स इंसुलिन प्रतिरोधी हो जाते हैं तो किडनी को खून में से शुगर की मात्रा को अलग करने के लिए अधिक प्रयास करना पड़ता है। इस प्रक्रिया में अधिक पेशाब आता है, जिसकी वजह से डायबिटीज रोगी हमेशा अपना गला सूखा महसूस करते हैं।

एनीमिया: जब बॉडी में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है तो इसके कारण व्यक्ति एनीमिया यानी खून की कमी का शिकार हो जाता है। एनीमिया का शिकार सबसे ज्यादा महिलाएं होती हैं। बता दें, शरीर में पानी की कमी भी एनीमिया का एक लक्षण है। बॉडी में खून की कमी के कारण भी बार-बार गला सूखना और प्यास लगने की समस्या होती है।

प्रेग्नेंसी: गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में अधिक प्यास लगना, थकान होना, मार्निंग सिकनेस जैसे लक्षण दिखते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान पहली तिमाही में बॉडी में खून की मात्रा काफी बढ़ जाती है। जिसके कारण बार-बार पेशाबा आता है और प्यास लगती है। गर्भवती महिलाओं के शरीर में यह पानी की कमी का संकेत है।

मुंह सूख जाना: जब मुंह में पर्याप्त मात्रा में लार नहीं बन पाती तब भी बार-बार प्यास लगती है। गला सूखने के कारण सांसों की दुर्गंध, मसूड़ों में जलन आदि समस्याएं हो सकती हैं।