मोदी सरकार की ‘अग्निपथ स्कीम’ को लेकर बिहार के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। विपक्षी दल भी इस योजना की आलोचना कर रहे हैं। इसी बीच फिल्ममेकर विनोद कापड़ी ने जहानाबाद में छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है।

विनोद कापड़ी ने ट्विटर लिखा,”अग्निपथ के बहाने देश के बच्चों को आग में झोंकने वाले नरेंद्र मोदी को ये सब दिख रहा है?” उन्होंने यूपी के बुलंदशहर में प्रदर्शन से जुड़ा वीडियो भी शेयर किया और लिखा, ‘नरेंद्र मोदी का नया जुमला 24 घंटे भी नहीं चल पाया।’

यूजर्स की प्रतिक्रियाएं: कापड़ी के इस ट्वीट पर तमाम यूजर्स भी कमेंट करने लगे। जतन ठक्कर ने लिखा,”जिसको ज्वाइन करना है करे, नहीं करना है ना करे। जबरदस्ती तो है नहीं। क्यों मुफ्त मे कांय कांय कर रहे हो?” शादाब अशरफ ने लिखा,’मैं उत्सुक हूं, इसके खिलाफ यूपी में कोई आंदोलन क्यों नहीं हो रहा है? क्या इलाहाबाद में छात्र विरोध होने के बाद छात्र डरते हैं, क्योंकि सेना के बहुत सारे उम्मीदवार यूपी में भी हैं।’

अंजुम परवीन ने लिखा,”सेना को मुखर होकर पीएम के इस मूर्खतापूर्ण अग्निपथ योजना को ना कहना चाहिए। देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से रोकना चाहिए।”

आपको बता दें कि विनोद कापड़ी ने पहले भी इस योजना को लेकर लिखा था, ‘मैं हैरान हूं कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दे भारत के अग्निवीर पर पूरा का पूरा विपक्ष चुप क्यों है? 18 से 22 साल के 75% फीसदी बच्चे 22-26 साल की उम्र में बेरोजगार हो जाएंगे पर उससे बड़ा सवाल है कि क्या भारतीय फौजियों के साथ 4-4 साल का प्रयोग होना चाहिए?’

एक और ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि, ”सिर्फ 4 साल के लिए फौजी फिर फौज से बाहर, सेना के सैकड़ों पूर्व अफसर सरकार के इस फैसले से हैरान और परेशान हैं। उनका मानना है कि एक सिपाही सालों-साल की तपस्या के बाद तैयार होता है। ये नया फैसला देश की सुरक्षा से खिलवाड़ है।”

क्या है योजना और क्यों हो रहा विरोध? सरकार ने थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ’ योजना शुरु करने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल 46,000 सैनिक भर्ती होंगी। सेना में भर्ती होने वालों को अग्निवीर कहा जाएगा। पात्रता की उम्र 17.5 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

युवाओं का कहना है कि अग्निपथ योजना से देश की सेवा का भाव और सेना में भर्ती होने का जज्बा रखने वाले युवाओं का भविष्य अंधकार में जाने वाला है। इसके साथ ही उनका कहना है कि चार साल के लिए भर्ती होगी तो देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ हो सकता है।