बीते दिनों टीवी के पॉपुलर एक्टर और होस्ट करण टैकर के कोविड-19 पॉजिटिव होने की खबर आई थी जिसकी वजह से उन्हें दिल्ली के होटल से आधी रात निकाल दिया गया। हालांकि करण ने कोविड पॉजिटिव होने की खबर को झूठा करार दिया था। वह दिल्ली एक शूट के सिलसिले में गए थे। करण ने इस दौरान के अनुभव को साझा करते हुए मुंबई मिरर से कहा है कि प्रोडक्शन कंपनी ने भी उनकी मदद नहीं की।
दरअसल करण टैकर दिल्ली जाने से पहले मुंबई में एहतियात के तौर पर अपना कोविड-19 जांच करवाया था। जब वे दिल्ली पहुंचे तो देर शाम उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव बताई गई जिसकी खबर मीडिया में फैल गई। इस कारण वह जिस होटल में ठहरे थे उस होटल ने भी आधी रात उन्हें निकाल दिया और फिर 6 घंटे बाद आइसोलेशन सेंटर ले जाया गया। करण की मानें तो उनमें वायरस का कोई लक्षण नहीं था।
करण टैकर ने कहा, जिस दिन दिल्ली पहुंचा उसी दिन देर शाम को रिपोर्ट में मेरे पॉजिटिव होने की बात कही गई थी। इसके बाद होटल के कर्मचारी जहां मैं ठहरा हुआ था, तुरंत घबरा गए। उन्होंने अधिकारियों को बुलाया और मुझे आधी रात आइसोलेशन सेंटर ले जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। करण के मुताबिक इस प्रक्रिया में लगभग छह घंटे का समय लगा। और वे सुबह 3 बजे ही आइसोलेशन सेंटर पहुंच पाए।। उन्होंने कहा कि वह प्रोडक्शन कंपनी के रवैए से भी परेशान हैं जिसने कुछ भी मदद नहीं की।
मामले की गंभीरता को समझते हुए करण ने दो बार अपना कोविड टेस्ट करवाया जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। करण के मुताबिक उनकी मुंबई रिपोर्ट पर यकीन नहीं था क्योंकि उनकी जांच ठीक से नहीं की गई थी। करण ने कहा कि जांच के लिए नाक और गले दोनों से swabs ली जाती है लेकिन जो व्यक्ति मुंबई में नमूना एकत्र करने के लिए आया था, उसने केवल नाक का ही स्वैब लिया। उसने गले से swab नहीं लिया। करण ने कहा कि मेरे कोरोना संक्रमित होने के बाद मेरी पूरी फैमिली ने दोबारा टेस्ट करवाया और सबकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

