भारत के पड़ोसी राष्ट्र बांग्लादेश की 50वीं वर्षगांठ में शामिल होने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर बांग्लादेश गए हुए हैं। शुक्रवार को नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के स्वतंत्रता दिवस पर ढाका के नेशनल परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में जो भाषण दिया है, उसके एक अंश पर भारत में कई लोग आपत्ति जता रहे हैं। उन्होंने अपने भाषण के दौरान बांग्लादेश की आजादी में योगदान देने वाले भारतीय सैनिकों के पराक्रम को याद किया और कहा कि उन्होंने भी बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में अपना योगदान दिया था और जेल गए थे। नरेंद्र मोदी के इस बात पर एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने बेहद ही चुटीले अंदाज़ में तंज कसा है।
उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि मोदीजी पर यकीन न करने वाले वही लोग हैं जो पुलवामा हमले का सबूत मांग रहे थे। रवीश कुमार का फेसबुक पर लिखा गया यह पत्र तेज़ी से वायरल हो रहा है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, ‘जब से पता चला है कि आप लोग मोदी जी के बयान का मजाक उड़ा रहे हैं, तब से मन दुखी है। मोदी जी ने बांग्लादेश की आजादी के लिए सत्याग्रह किया था और जेल गए थे।’
रवीश कुमार आगे लिखते हैं, ‘इस बात में यकीन न करने वाले वही लोग हैं जो पुलवामा हमले को लेकर सबूत मांग रहे थे। जांच की मांग कर रहे थे। मजाक उड़ाने वालों को लेकर मेरी एक ही चिंता है। कहीं उनकी बुद्धि वापस तो नहीं आ गई? यह बात ठीक नहीं है।’
रवीश कुमार के अलावा सोशल मीडिया पर विपक्षी पार्टियों सहित कई लोग नरेंद्र मोदी के बयान पर तंज कस रहे हैं। रवीश कुमार के इस पत्र पर भी लोग व्यंग कर रहे हैं। अरुण शर्मा नाम के यूजर लिखते हैं, ‘डायनासोर भी मोदी जी से तंग आकर ही विलुप्त हुए थे, वरना कोई खास बात नहीं थी गायब होने की।’
निखिल राय नाम के यूजर ने लिखा, ‘बांग्लादेश को आजाद तो मोदी जी ने ही सत्याग्रह करके कराया था, वो तो कम्युनिस्ट और कांग्रेसी इतिहासकारों ने मोदी जी के किए का श्रेय चुराकर इंदिरा गांधी को दे दिया। यह नहीं बताया कि मोदी जी के सत्याग्रह ने ही इंदिरा गांधी को मजबूर कर दिया था कि वो बांग्लादेश में सेना भेजें।’
नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश में बोलते हुए कहा था, ‘बांग्लादेश की आजादी के लिए संघर्ष में शामिल होना, मेरे जीवन के पहले आंदोलनों में से एक था। मेरी उम्र 20-22 साल रही होगी जब मैंने और मेरे साथियों ने बांग्लादेश की आजादी के लिए सत्याग्रह किया था। बांग्लादेश की आजादी के समर्थन में तब मैंने गिरफ्तारी भी दी थी और जेल जाने का अवसर भी आया था।’
नरेंद्र मोदी के इस बयान पर आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह आदि नेताओं ने भी चुटकी ली है।

