‘पेगासस’ मामले में सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। बॉलीवुड फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री ने भी सिलसिलेवार ट्वीट किया है, और ऐसे पत्रकारों पर तंज कसा है, जिनका नाम कथित पर जासूसी वाली लिस्ट में है। दरअसल, पत्रकार आरफा खानम शेरवानी ने द वाय़र की ‘पैगासस’ से जुड़ी रिपोर्ट को साझा करते हुए लिखा, ‘द वायर पर बिग ब्रेकिंग, स्नूप लिस्ट में हैं 40 भारतीय पत्रकार…।’
इसी पोस्ट को रीट्वीट करते हुए नारीवादी कार्यकर्ता और लेखक कविता कृष्णन ने लिखा, ‘विस्फोटक…’। पेगासस से जुड़ी रिपोर्ट साझा करते हुए पत्रकार रोहिणी सिंह ने लिखा- ‘जय शाह और निखिल मर्चेंट की स्टोरीज के बाद मुझे भी निशाना बनाया गया। वहीं, पीयूष गोयल के संदिग्ध व्यवहार पर मेरी स्टोरी के समय भी पेगासस स्पाइवेयर के जरिए मुझे निशाना बनाया गया था। मैं सरकार से आग्रह करूंगी कि मेरी बातचीत को पढ़ना बंद कर दें और इसकी जगह मेरी स्टोरीज को पढ़ें…।’
रोहिणी सिंह की इसी पोस्ट पर विवेक अग्निहोत्री ने तंज कसते हुए लिखा- ‘इससे अच्छे तो कुणाल कामरा के जोक्स होते हैं।’ अपनी अगली पोस्ट में उन्होंने चुटकी लेते हुए पूछा- ‘पहले तो यह बताओ इनमें से journalist कौन है?’
पहले तो यह बताओ इनमे से journalist कौन है? #pegasus
— Vivek Ranjan Agnihotri (@vivekagnihotri) July 18, 2021
विवेक अग्निहोत्री की पोस्ट पर तमाम यूजर्स भी कमेंट लगे। मजहर नाम के एक यूजर ने लिखा- ‘मेरा मानना है कुणाल कामरा भारत सरकार के एक मंत्री हैं, जो अप्रत्यक्ष रूप से मंत्रियों के काम कर रहे हैं, आजकल आप लोग और बीजेपी बेहतर मजाक उड़ा रहे हैं।’ शंकर शर्मा नाम के यूजर ने बिफरते हुए लिखा- ‘मुझे तो कोई जोक नजर नहीं आया इसमें!’ निखिल प्रसाद नाम के यूजर ने कहा- ‘सर, मुझे नहीं पता था कि आप कुणाल कामरा के जोक्स भी पसंद करते हैं।’ रामनारायण नाम के शख्स ने लिखा- जरा सच्चाई सामने आने दो, राजनीति में कुछ भी हो सकता है।’
Even Kunal Kamra has better jokes. https://t.co/dv4tml3hah
— Vivek Ranjan Agnihotri (@vivekagnihotri) July 18, 2021
अग्निहोत्री के सवाल पर निलेश पंडित नाम के यूजर ने कहा- ‘रहने दो तुमको नहीं समझ आएगा।’ केडी नाम के यूजर बोले- जैसे आप फ़िल्म डायरेक्टर हैं, वैसे ही वो भी जर्नलिस्ट हैं।
बता दें, कई देशों के मीडिया संस्थानों का दावा है कि इजरायली कंपनी NSO के स्पाईवेयर पेगासस के जरिए दुनिया भर की सरकारें पत्रकारों, कानून के क्षेत्र से जुड़े लोगों, नेताओं और यहां तक कि नेताओं के रिश्तेदारों की कथिततौर पर जासूसी करा रही हैं। इसमें ये भी कहा गया है कि भारत के कई मंत्रियों, जजों, पत्रकारों व संघ नेताओं की निगरानी की गई है।

