वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 8 विकेट से हरा दिया और खिताब पर कब्जा जमाया। न्यूजीलैंड की जीत पर सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने लिखा कि ‘दिल्ली का एक चौथाई है न्यूजीलैंड और टेस्ट क्रिकेट का चैंपियन बन गया।’ उनकी इस टिप्पणी के बाद यूजर्स उनकी खिंचाई करने लगे और तरह-तरह के सवाल करने लगे।
सैम नाम के यूजर ने तंज कसते हुए पूछा ‘इसके लिए भी मोदी सरकार जिम्मेदार है? सोनू तिवारी ने लिखा ‘मोदी की ही ग़लती होगी ना इसमें भी…कमाल है साहब पत्रकारिता का मतलब है ग़लती को दिखाना, ना कि बिना सिर पैर की बात करना।’
नदीम राम अली ने कमेंट किया ‘क्रिकेट एक व्यापार है इसलिए अमित शाह ने अपने बेटे को BCCI बोर्ड का सेक्रेटरी बनाया है ताकि BCCI के पैसे पर शाह का कंट्रोल रहे। पिछले दो ODI वर्ल्ड कप में इंडियन टीम जबरदस्त टीम रही है फिर भी WC से बाहर क्यों हो गए? क्योंकि उसका भी यहीं कारण था, इसलिए भावनाओं न बहें।’
सुमित कुमार दुबे नाम के यूजर ने बाजपेयी की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए लिखा ‘दिल्ली से 1/7 पॉपुलेशन है जमैका की, 6 गोल्ड जीते थे 2016 ओलंपिक में…तब नहीं याद आया आपको? मतलब हर वक्त नेगेटिव माइंडसेट में ही ले जाने का मकसद है क्या?
दिल्ली का एक चौथाई है न्यूज़ीलैंड….
न्यूज़ीलैंड टेस्ट क्रिकेट का चैंपियन…— punya prasun bajpai (@ppbajpai) June 23, 2021
अर्जुन झा नाम के यूजर ने लिखा ‘पांडव पाँच ही थे पर महाभारत का युद्ध जीत गये थे, संख्या बल नहीं तन्मयता से सफलता अर्जित होती है।और अच्छे खेल खेलने वाले को जीत मिलनी ही चाहिए। और आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि दिल्ली की चौथाई क्यूँ ना हो लेकिन खिलाड़ी ग्यारह ही थे।’
अशोक ठाकुर ने बाजपेयी की खिंचाई करते हुए टिप्पणी की ‘आबादी 50 लाख हो या 50 करोड़, खेलना 11 खिलाड़ी को ही है। कोई जंग थोड़ी हो रहा था कि 50 लाख की सेना 130 करोड़ वाली सेना पर भारी पड़ गई।’ अतुल सिन्हा ने पूछा ‘जब दोनों तरफ से 11-11 खिलाड़ी ही खेल रहे थे तो दिल्ली का एक चौथाई उपमा वाला औचित्य समझ से परे है।’
मधुकर नाम के यूजर ने तंज कसते हुए लिखा ‘हां तो दिल्ली की “क्रांतिकारी…बहुत क्रांतिकारी” टीम भेज दें खेलने को? शशि श्रीवास्तव ने टिप्पणी की ‘गनीमत है कि तुमने इसमें भी मोदी जी या भाजपा को दोषी नहीं ठहराया।’
