यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। वह सहयोगी पार्टियों के साथ रैलियां कर रहे हैं, साथ ही विपक्षी दलों पर भी हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। चुनाव के सिलसिले में ही कुछ दिनों पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने आजतक की पत्रकारों को इंटरव्यू दिया था, जिसमें उन्होंने यूपी में कानून व्यवस्था, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से लेकर भाजपा पर भी बातचीत की थी। इंटरव्यू के बीच ही योगी आदित्यनात ने कहा था कि अगर देशहित या दलहित में पद छोड़ने के लिए कहा जाएगा तो मैं चला जाऊंगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ से सवाल करते हुए पत्रकार श्वेता सिंह ने पूछा था, “क्या इस बार कोई संशय है कि 2022 का चुनाव योगी आदित्यनाथ के नाम पर लड़ा जाएगा या नहीं?” सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्वेता सिंह की बात का जवाब देते हुए कहा, “मेरा तो यह मानना है कि भारतीय जनता पार्टी व्यक्तिवादी पार्टी नहीं है। यहां व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश है।”
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में आगे कहा, “देशहित में कोई मुझसे कहेगा, दल हित में भी कोई कहेगा कि आज छोड़ना है तो उसी समय मूल्यों और मुद्दों के साथ मैं छोड़ दूंगा। हम मुद्दों और मूल्यों पर काम करने वाले लोग हैं। यूपी में ये कोई मुद्दे ही नहीं हैं।” सीएम योगी आदित्यनाथ से सवाल करने से अंजना ओम कश्यप भी पीछे नहीं हटीं।
अंजना ओम कश्यप ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से सवाल किया, “सर सब ऑल इज वेल है या नहीं? बीच में तो बहुत खबरें आई थीं और विपक्ष भी कह रहा था कि योगी जी दिल्ली पहुंच रहे हैं, योगी जी तमाम नेताओं से मिल रहे हैं। आरएसएस के नेताओं से भी आपने मुलाकात की थी तो सब ऑल इस वेल है या नहीं?”
अंजना ओम कश्यप की बात का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “ये कोई नई बात नहीं है। कोरोना के वक्त तो हमें एक साल छह महीने लग गए। वरना हमारी समीक्षा और मार्गदर्शन लेने के लिए मैं हमेशा दिल्ली जाता था। मुख्यमंत्री समिट होती थी, वहां भी हम जाते थे। कभी वह शासकीय तो कभी पार्टी स्तर पर होती थी।”
