बॉलीवुड अभिनेता नसीरूद्दीन शाह ने बयान जारी कर मॉब लिंचिंग की घटनाओं से बहुत परेशान होने की बात कही है। 69 वर्षीय शाह का यह भी कहना है कि इस संबंध में उनके द्वारा पहले दी गई बयान पर वह अभी भी कायम हैं। शाह ने यह बयान शनिवार को मुंबई में दी है। बता दें कि वह समाज में ‘‘खुलेआम हिंसा’’ के पक्ष में नहीं हैं और इससे बहुत परेशान होने की बात कही हैं। गौरतलब है कि पिछले साल अभिनेता ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा था कि कई जगहों पर किसी पुलिसकर्मी की मौत के बजाय गाय की मौत को अधिक अहमियत दी जा रही है। उनके इस बयान को लेकर काफी तीखी प्रतिक्रिया भी सामने आई थी।

नसीरूद्दीन शाह ने कहा- काम अब कम मिलता हैः बता दें कि ‘इंडिया फिल्म प्रोजेक्ट’ में अभिनेता नसीरूद्दीन शाह के साथ बातचीत में अभिनेता आनंद तिवारी ने उनसे कई सवाल पूछे थे। उन सवालों में यह भी उनसे पूछा गया था कि क्या राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों पर उनके विचारों का फिल्म बिरादरी में उनके संबंधों पर असर पड़ता है। इस पर उन्होंने कहा, ‘फिल्म उद्योग या फिल्म से जुड़े लोगों से किसी मामले में कभी भी उनके करीबी रिश्ते नहीं रहे हैं। मैं नहीं जानता कि इससे मेरे रुख पर कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं, क्योंकि अब मुझे काम बहुत कम मिलता है। मैं बस यही महसूस करता हूं कि मैं अपने विचारों पर कायम रहता हूं।’

National Hindi News, 13 October 2019 Top Headlines Updates: देश-दुनिया की हर खबर पढ़ने के लिए यहां करें क्लिक

शाह-पूरे समाज में नफरत फैली हैः मामले में अभिनेता ने बयान देते हुए कहा है कि समाज में खुलेआम नफरत फैली है। इस पर उन्होंने कहा, ‘मैंने लोगों की बहुत गालियां सुनी हैं, जिनके पास कुछ बेहतर करने के लिए नहीं है। लेकिन यह मुझे बिल्कुल प्रभावित नहीं करती हैं। परेशान करने वाली जो बात है वह है समाज में खुलेआम नफरत की भावना।’

बेबाक बोल के लिए जाने जाते हैं शाहः बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखने वाले 49 सेलिब्रिटी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की हाल में निंदा करने वाले सांस्कृतिक समुदाय के उन 180 से अधिक सदस्यों में शाह भी शामिल थे। इन सदस्यों में शाह के साथ सिनेमैटोग्राफर आनंद पटवर्धन, इतिहासकार रोमिला थापर और सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर भी शामिल थे। गौरतलब है कि शाह अपने बेबाक बोल के लिए बॉलीवुड के साथ समाज में भी जाने जाते हैं।