नरेंद्र मोदी कैबिनेट विस्तार पर एक टीवी डिबेट के दौरान बोलते हुए भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राजस्थान कांग्रेस के दिवंगत नेता सीसराम ओला पर ऐसी टिप्पणी कर दी जिसके बाद उन्हें काफी आलोचनाओं का शिकार होना पड़ रहा है। गौरव भाटिया ने कहा कि जून 2013 के कांग्रेस मंत्रीमंडल विस्तार में 85 साल के सीसराम को जगह दी गई। उन्होंने कहा, ‘जिनका हिल गया था पुरजा, उनमें मनमोहन सिंह ढूंढ रहे थे ऊर्जा।’ उनकी इस टिप्पणी पर कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि इस टिप्पणी के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को माफी मांगनी चाहिए।

अशोक गहलोत ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, ‘भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया द्वारा श्री ओला पर की गई टिप्पणियों की मैं भर्त्सना करता हूं। इससे प्रदेश की जनता में भारी आक्रोश पैदा हुआ है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को अविलंब राजस्थान की जनता से माफी मांगनी चाहिए।’

अशोक गहलोत ने एक और ट्वीट किया जिसमें उन्होंने सीसराम ओला के योगदान का जिक्र किया है। अपने ट्वीट ने राजस्थान के सीएम ने लिखा, ‘स्वर्गीय श्री शीशराम ओला जी ने 60 सालों से अधिक समय तक सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में रहकर किसानों के हितों की रक्षा की। वे केन्द्र एवं राज्य दोनों सरकारों में अनेकों बार कैबिनेट मंत्री रहे। 1968 में उन्हें समाजसेवा के लिए पद्मश्री सम्मान मिला।।’

 

सचिन पायलट ने भी गौरव भाटिया की टिप्पणी पर उन्हें आड़े हाथों लिया है। उन्होंने अपने अधिकारिक ट्विटर अकाउंट से किए गए एक ट्वीट में लिखा, ‘कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और किसान हितैषी स्व. श्री शीशराम ओला जी पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता की अमर्यादित टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है। देश एवं प्रदेश के विकास में सीसराम जी का योगदान विशालकाय है। इस असभ्य शब्दावली का प्रयोग ऐसे नेताओं की संस्कारहीन सोच का प्रमाण है।’

 

 

कांग्रेस सांसद रहे अश्कअली टाक ने भी गौरव भाटिया को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘भाजपा के बड़बोले प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस के वरिष्ठ दिवंगत नेता पद्मश्री शीशराम जी ओला के लिए ओछी भाषा बोलकर अपनी मानसिक दिवालियापन का परिचय दिया। कांग्रेस और किसान इस प्रकार की विचारधारा के खिलाफ लड़ते रहे हैं और लड़ते रहेंगे। ‘

राजस्थान सरकार में मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया को एक ट्वीट में टैग करते हुए उनसे पूछा कि भाजपा को किसानों से नफरत क्यों है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘पद्म श्री के सम्मान से सम्मानित, किसानों के गौरव रहे स्व.शीशराम जी ओला के बारे में की गई यह टिप्पणी बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। सतीश पुनिया जी, क्या आप भी आपकी पार्टी के इन सज्जन महानुभाव के ऐसे घटिया विचारों से सहमत हैं? आखिर किसान कौम से इतनी नफरत क्यों है भाजपा को?’

 

राजस्थान सरकार में कांग्रेस विधायक महादेव सिंह खंडेला ने गौरव भाटिया की टिप्पणी पर पर आपत्ति जताते हुए ट्वीट किया, ‘कांग्रेस के वरिष्ठ दिवंगत नेता और पदमश्री से सम्मानित श्री शीशराम ओला के प्रति भाजपा के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने जिस प्रकार से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया वह निंदनीय है और ना काबिले बर्दाश्त है। भाजपा को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।’

महिला कांग्रेस की नेशनल सेक्रेटरी डॉक्टर छाया उनीला पांडा लिखती हैं, ‘गौरव भाटिया की दिवंगत नेता शीशराम ओला जी के बारे में असभ्य टिप्पणी करना वैचारिक दिवालियापन दर्शाता है।’

 

गौरव भाटिया की टिप्पणी पर राष्ट्रीय लोक दल की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है। राष्ट्रीय लोक दल के ट्विटर अकाउंट से किए गए ट्वीट में भाजपा को किसान विरोधी बताते हुए ट्वीट किया गया, ‘पद्मश्री से सम्मानित सीसराम ओला जी जैसे कद्दावर किसान नेता के बारे मे इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करना भाजपा के मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है। यह केवल सीसराम ओला जी का नहीं बल्कि देश के सभी किसानों का अपमान है।’

 

राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरा है। उन्होंने ट्वीट किया है, ‘चौधरी सीसराम ओला जी कद्दावर नेता थे, लेकिन उनकी छवि एक भले, नेक इंसान की रही। बहुत बार मैंने उनको लोगों के लिए काम करते देखा, युवा सांसदों के साथ बैठते थे, मेरा सौभाग्य था उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया। बहुत बुरा लगता है जब आज सत्ता के नशे में धुत, अहंकारी, उनका ऐसे अपमान कर रहे हैं।’

सीस राम ओली पर गौरव भाटिया की टिप्पणी से किसान नेता सीसराम ओला का परिवार भी आहत हुआ है। उनके परिवार की तरफ से कहा गया है कि गौरव भाटिया बड़ों की इज्जत करना सीखें। परिवार का कहना था, ‘बड़ों की इज्जत करना सीखो, 81 की उम्र में आडवाणी जी थे पीएम की रेस में, 80 की उम्र में वाजपेयी जी थे पीएम।’