प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या विकास योजना पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शनिवार को एक अहम बैठक की। इस बैठक में पीएम मोदी ने राम मंदिर निर्माण पर जानकारी ली। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा अयोध्या के विकास से जुड़े तमाम अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी को अधिकारियों ने नए मास्टर प्लान से भी अवगत कराया। अब इस मुद्दे पर पूर्व IAS अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने एक ट्वीट किया।
सूर्य प्रताप सिंह ने अपने ट्वीट में जमीन घोटाले का मुद्दा उठाया। पूर्व IAS अधिकारी लिखते हैं, ‘चुनाव आया तो पीएम मोदी को अयोध्या याद आया। जब पिछले 7 सालों में अयोध्या के अब तक ‘अदृश्य’ विकास कार्यों की पहली समीक्षा बैठक कर ही रहे हैं, तो लगे हाथ अयोध्या जमीन घोटाले के बारे में भी पूछ लेना, प्रधानमंत्री जी। जय सिया राम।’ सूर्य प्रताप के ट्वीट पर यूजर्स ने भी अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है।
सूर्य प्रताप के ट्वीट पर यूजर्स की प्रतिक्रिया: रोहित मिश्रा नाम के ट्विटर यूजर ने सिंह की पोस्ट पर कमेंट किया, ‘चंदे के पैसे से जिन्हें लाभ हो रहा है वह उसके बारे में किसी से क्यों पूछेंगे?’ ट्विटर यूजर हानिया आमिर लिखती हैं, ‘अभी तो सिर्फ अयोध्या आया है आगे-आगे देखो और क्या-क्या आता है।’ चंदन यादव नाम से ट्विटर यूजर लिखते हैं, ‘पूरे देश की नजर भी इसी बात पर है कि प्रधानमंत्री जी के सामने मुख्यमंत्री व अन्य लोग इस पूरे मसले पर क्या बोलते हैं?’
चुनाव आया तो पीएम मोदी को अयोध्या याद आया l
जब पिछले 7 वर्षों में अयोध्या के अब तक ‘अदृश्य’ विकास कार्यों की पहली समीक्षा बैठक कर ही रहे हैं, तो लगे हाथ अयोध्या जमीन घोटाले के बारे में भी पूछ लेना, प्रधानमंत्री जी l
जय सिया राम l— Surya Pratap Singh IAS Rtd. (@suryapsingh_IAS) June 26, 2021
अयोध्या जमीन विवाद पर आरएसएस और राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन का मुद्दा गहराता जा रहा है। गुरुवार को मुंबई के विले पार्ले स्थित संन्यास आश्रम में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। यहां राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बीच अहम बातचीत हुई थी। इस बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी मौजूद थे। इस पूरे मुद्दे पर उन्होंने अपना पक्ष रखा। इसमें पूरी तरह जमीन विवाद का मुद्दा उठाया गया था।
