Lok Sabha Election 2019: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर मिली शिकायत के आधार पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें नोटिस जारी कर एक पखवाड़े के भीतर इसपर अपने ‘तथ्यात्मक रुख’ से अवगत कराने को कहा है। यह नोटिस भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी की अर्जी के आधार पर जारी किया गया है। इसी मुद्दे पर टीवी चैनल पर बहस के दौरान एंकर ने भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन से सवाल किया तो वे भड़क उठे और कहा कि आपने मुझे बेइज्जत करने के लिए बुलाया है?

एंकर ने पूछा, “राहुल गांधी की नागरिकता के विवाद में सरकार या संसद की कमेटी की ओर से अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?” इसके जवाब में शाहनवाज हुसैन ने कहा, “इथिक्स कमेटी ने अभी इस पर किसी तरह का निर्णय नहीं लिया है। क्या सारे निर्णय तुरंत हो जाते हैं? इस नोटिस से हमें कोई राजनीतिक फायदा नहीं है। इथिक्स कमेटी में जो मामला जाता है, उस सब मामलों पर निर्णय नहीं होता है।”

इस दौरान एंकर ने शाहनवाज हुसैन से कहा कि क्या लाल कृष्ण आडवाणी ने जानबूझ कर राहुल गांधी को बचाया। इस पर भाजपा नेता ने कहा, “आपने बेइज्जत करने के लिए भाजपा नेता को बुलाया है। आवाज बंद कर देंगी आप लेकिन देश की जनता आवाज बंद नहीं करेगी। मैं आपके डिबेट से हट जाता हूं और वचन देता हूं कि अब नहीं आउंगा, अगर आप बीजेपी को बेइज्जत करना चाहती हैं। आप मुझे बोलने नहीं दे रही हैं।”

पत्र का हवाला देते हुए गृह मंत्रालय ने कहा है कि राहुल गांधी ब्रिटेन में 2003 में पंजीकृत कंपनी बैक ऑप्स लिमिटेड के निदेशकों में शामिल थे। कांग्रेस अध्यक्ष को मंगलवार को जारी नोटिस के बाद उपजे विवादों पर केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में कहा कि यह सामान्य प्रक्रिया है और यह कोई बड़ा घटनाक्रम नहीं है।

मंत्रालय ने कहा कि स्वामी के पत्र के अनुसार, ब्रिटिश कंपनी के 10 अक्टूबर, 2005 और 31 अक्टूबर, 2006 को भरे गए वार्षिक टैक्स रिटर्न में गांधी की जन्म तिथि 19 जून, 1970 बतायी गई है। उसमें गांधी को ब्रिटिश नागरिक बताया गया है। सोमवार को जारी नोटिस के अनुसार, इसके अलावा 17 फरवरी, 2009 को इस कंपनी की परिसमापन अर्जी में भी आपकी नागरिकता ब्रिटिश बतायी गई है।। आपसे अनुरोध किया जाता है कि इस संबंध में पत्र मिलने के एक पखवाड़े के भीतर आप मंत्रालय को तथ्यात्मक स्थिति से अवगत कराएं।