पुलवामा अटैक और उसके बाद भारतीय वायु सेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक के बाद दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लोकप्रियता में इजाफा हुआ है। एबीपी न्यूज और सी-वोटर के ताजा ओपिनियन पोल के मुताबिक अगर आज की तारीख में चुनाव हुए तो दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर भाजपा की जीत होगी। कांग्रेस और आप का खाता भी नहीं खुल सकेगा। पोल के मुताबिक दिल्ली में भाजपा को 47 फीसदी वोट मिल सकते हैं, जबकि कांग्रेस को 22 फीसदी और आप को 20 फीसदी। पुलवामा अटैक से पहले यह आंकड़ा 45 फीसदी था। पोल के मुताबिक पुलवामा अटैक और स्ट्राइक से पहले दिल्ली में भाजपा को 45 फीसदी वोट मिल रहे थे, जबकि कांग्रेस को 24.5 फीसदी और आप को 23 फीसदी वोट मिल रहे थे।

ओपिनियन पोल के मुताबिक अगर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन हो तो इससे भाजपा को तीन सीटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है। पोल के मुताबिक सात सीटों में से गठबंधन को तीन सीटें जबकि भाजपा को चार सीटें मिल सकती हैं। ओपिनियन पोल के मुताबिक दिल्ली में विधान सभा चुनाव में केजरीवाल का जीदू बरकरार रह सकता है। लोगों ने उनके कामकाज को पसंद किया है। पोल के मुताबिक आज चुनाव हुए तो विधान सभा की 70 सीटों में से आप को 39, भाजपा को 26 और कांग्रेस को पांच सीटें मिल सकती हैं। यानी 2015 के मुकाबले कांग्रेस को पांच और भाजपा को 23 सीटों का फायदा हो सकता है।

बता दें कि 2015 में हुए दिल्ली विधान सभा के चुनाव में आप को 70 में 67 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि भाजपा मात्र तीन सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई थी। कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी। इधर, पिछले कुछ महीनों से अरविंद केजरीवाल कांग्रेस से गठबंधन करने की वकालत करते रहे हैं लेकिन कांग्रेस ने इससे इनकार कर दिया है और एकला चलने का फैसला किया है। मंगलवार को बी शीला ने केजरीवाल के प्रस्ताव को नकार दिया। इसके बाद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा को मदद कर रही है।