दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 10वीं और 12 वीं कक्षा के छात्रों के सीबीएसई एग्जाम की फीस का भुगतान अब केजरीवाल सरकार करेगी। बता दें कि 10 वीं और 12 वीं क्लास के छात्रों से सीबीएसई एग्जाम फीस लेती है लेकिन इस बार सीबीएसई ने अपनी एग्जाम फीस को दोगुना कर दिया था जिसके चलते दिल्ली सरकार ने छात्रों की फीस का भुगतान करने की बात की थी। वही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सीबीएसई की बढ़ी हुई फीस अब सरकार देगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के हर बच्चे की पढ़ाई की हमारी जिम्मेदारी है। पैसे के अभाव में हम किसी बच्चे की पढ़ाई नहीं रूकने देंगे।
इसी साल से लागू हो सकता है फैसलाः दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सरकारी स्कूल, पत्राचार विद्यालय और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 3.14 लाख छात्रों की फीस सरकार द्वारा भरी जाएगी। जानकारी के मुताबिक यह फैसला इसी साल से लागू किया जा सकता है। बता दें इस फैसले को लागू किए जाने के बाद दिल्ली सरकार पर लगभग 57 करोड़ का बोझ पड़ेगा। बता दें एग्जाम फीस के भुगतान को लेकर लाए गए शिक्षा विभाग द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव को मंजूरी मुख्यमंत्री केजरीवाल सरकार की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट की मीटिंग में दी गई।
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सरकार उठाएगी खर्चः सीबीएसई द्वारा 10 वीं और 12 वीं क्लास के छात्रों की फीस 1800 रूपए रखी गई है, इसका भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा। बता दें कि तीसरी से आठवीं क्लास तक और 9 वीं और 11 वीं क्लास के लिए आंसर शीट से लेकर प्रिटिंग प्रेस तक का सारा खर्चा सरकार उठाती है।
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प्रैक्टिकल एग्जाम की फीस भी सरकार ही देगीः बता दें साइंस स्ट्रीम के 14783 छात्रों के प्रैक्टिकल और वोकेशनल सब्जेक्ट के प्रैक्टिकल एग्जाम की फीस भी दिल्ली सरकार ही देगी। प्रैक्टिकल एग्जाम की फीस 150 रूपए होती है। इसी तरह से वोकेशनल कोर्स में भी हर प्रैक्टिकल एग्जाम के लिए 150 रूपए फीस दी जाएगी।
