कचनार शाक: इस मौसम में कचनार की कलियां निकलने लगती हैं। इसका शाक यानी भाजी देश के हर इलाके में पसंद की जाती है। कचनार एक बहुत गुणकारी औषधि है। कफ और पित्त दोनों से संबंधित परेशानियों में इसके सेवन से लाभ मिलता है। जिन लोगों को मधुमेह है, उन्हें कचनार से बहुत फायदा होता है। जिन इलाकों में जंगल अधिक हैं, जैसे छत्तीसगढ़, ओडिशा आदि, वहां कचनार के फूलों की सब्जी काफी लोकप्रिय है। बड़े शहरों में भी कचनार के फूल दुकानों पर आसानी से मिल जाते हैं। कचनार का स्वाद कुछ कसैलापन लिए हुए होता है, इसलिए इसकी सब्जी थोड़ी भिन्न बनती है। यों बहुत सारे लोग इसका रायता भी बना कर खाते हैं।

कचनार की सब्जी बनाने के लिए इसकी कली का इस्तेमाल होता है। चार लोगों के लिए दो सौ ग्राम कचनार की कलियां पर्याप्त होती हैं। बाजार से लाने के बाद इन्हें दो-तीन बार पानी से ठीक से धो लें। फिर एक भगोने में नमक डाल कर पानी उबालें और उबाल आने लगे तो उसमें कलियों को डाल कर नरम होने तक उबाल लें। पांच से सात मिनट में ये नरम हो जाती हैं। फिर पानी निथार कर ठंडा होने दें।

इसकी सब्जी बनाने के लिए लोग अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कुछ लोग प्याज-टमाटर की तरी के साथ बनाते हैं, तो कुछ लोग सूखी सब्जी तैयार करते हैं। अगर आप थोड़ा मसालेदार खाना चाहते हैं, तो सिर्फ टमाटर का उपयोग कर सकते हैं, शाक में प्याज और लहसुन का उपयोग न करें, तो उसका स्वाद बेहतर आता है। इसलिए एक टमाटर को पीस लीजिए। इसके अलावा एक छोटा टुकड़ा अदरक का अच्छी तरह कूट या फिर कद्दूकस कर लीजिए। दो से तीन हरी मिर्चें बारीक काट लें।

अब एक कड़ाही में दो से तीन चम्मच तेल गरम करें और उसमें जीरा, अजवाइन, सौंफ और हींग का तड़का लगाएं। उसमें पहले अदरक और मिर्च को डाल कर चला लें फिर पिसा हुआ टमाटर डाल कर तब तक चलाते हुए पकाएं, जब तक कि वह तेल न छोड़ने लगे। अब उसमें हल्दी पाउडर, एक चम्मच गरम मसाला, आधा चम्मच अमचूर, आधा चम्मच कुटी मिर्च और जरूरत भर का नमक डाल कर थोड़ी देर चलाते हुए पकाएं। इसी में उबली हुई कचनार की कलियों को डाल दें। सारे मसाले को चलाते हुए मिलाएं। आंच धीमी कर दें। चौथाई कप पानी डाल कर ठीक से मिला दें और फिर कड़ाही पर ढक्कन लगा कर पांच मिनट के लिए पकने दें।

सब्जी पक कर गाढ़ी यानी सूखी जैसी हो जाए तो आंच बंद कर दें। कचनार का शाक तैयार है। इसे रोटी, परांठे या चावल-दाल के साथ परोस सकते हैं।
अगर इसका रायता बनाना चाहते हैं तो उबले हुए कचनार को मसल लें और फिर दही को मछ कर उसमें डालें और नमक, भुना जीरा और कुटी लाल मिर्च डाल कर मिला लें।

मटर का निमोना

हरे मटर का मौसम अपने अंतिम चरण में चल रहा है। इस मौसम में मटर की फसल बहुतायत में तैयार होती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश में हरे मटर का निमोना इस मौसम में खूब खाया जाता है। निमोना एक प्रकार से दाल और सब्जी दोनों का काम करता है। कई लोग इसमें वड़ी, आलू वगैरह भी डाल कर बनाते हैं। आप चाहें, तो केवल मटर का निमोना भी बना सकते हैं।

निमोना बनाने के लिए हरे मटर के दानों को अच्छी तरह धोकर उन्हें सिलबट्टे पर या खरल में कूट लें। अगर इस तरह नहीं कर पा रहे, तो मिक्सर में दरदरा पीस लें। ध्यान रहे कि मटर का पेस्ट न बने, उसमें दरदरापन बना रहे।
इसमें तड़के के लिए कुछ लोग लहसुन, प्याज और टमाटर का उपयोग करते हैं, पर आप केवल टमाटर का उपयोग करें, स्वाद अच्छा आएगा। इसके लिए मध्यम आकार के दो या फिर एक बड़े आकार का टमाटर मिक्सर में पीस लें।

अब एक कड़ाही में दो चम्मच देसी घी गरम करें और उसमें जीरा और अजवाइन का तड़का दें। उसमें पिसे हुए टमाटर को तेल छोड़ने तक चलाते हुए पकाएं। उसमें एक चम्मच सब्जी मसाला, एक चम्मच धनिया पाउडर, आधा चम्मच कुटी लाल मिर्च और जरूरत भर का नमक डाल कर मिलाएं। जब तड़का पक कर तैयार हो जाए, तो उसमें पिसी हुई मटर डालें और थोड़ा-सा पानी डाल कर पकाएं। अगर इसमें वड़ी या आलू डालना चाहते हैं, तो उन्हें पहले से तल कर तैयार रखें और उसे इसमें डाल दें। अब मध्यम आंच पर तब तक पकाएं, जब तक कि मटर पूरी तरह पक न जाए। इसे रोटी, परांठे या चावल के साथ खा सकते हैं। खाने के लिए परोसने से पहले इसे हरी मिर्च, अदरक और हरा धनिया से सजाएं।

मानस मनोहर