धर्मेंद्र फिल्मी दुनिया के ऐसे शानदार अभिनेताओं में शुमार किए जाते रहे, जिनके चाहने वाले हिंदी पट्टी से लेकर देश की सीमाओं के पार सिनेमा के आम दर्शकों और मशहूर हस्तियां तक रहे हैं। जाहिर है, धर्मेंद्र के जाने की खबर से हर तबके के सिनेमा प्रेमियों को गहरा धक्का लगा है। हालांकि हिंदी सिनेमा को अपने लंबे दौर में धर्मेंद्र ने जितना दिया है, उसके बूते वे आने वाले समय में उसी शिद्दत से याद किए जाते रहेंगे, लेकिन फिलहाल उनके नाम के साथ जुड़ी तमाम फिल्मों और उसमें उनके अभिनय को याद किया जाना स्वाभाविक है।
यह कहा जा सकता है कि फिल्मी दुनिया के ज्यादातर कलाकारों की अपनी शैली रही है, मगर धर्मेंद्र ने अपनी एक खास तरह की अदायगी के बूते सिनेमा में जो जगह बनाई, उसमें वे लोगों के दिल में बसने लगे। फिल्मों में अपने करिअर की शुरूआत के बाद सुपर स्टार की होड़ के बरक्स वे करीब दो-ढाई दशक तक एक स्थिर छवि में टिके रहे। यह सही है कि धर्मेंद्र अभिनीत फिल्मों के दीवाने रहे लोगों के बीच सबसे पहले ‘शोले’ के वीरू का किरदार जीवंत हो उठता है, लेकिन उसके अलावा भी धर्मेंद्र ने जिन फिल्मों में काम किया, उसमें एक अलग छाप छोड़ी।
‘ही मैन’ के नाम से मशहूर थे धर्मेंद्र
आमतौर पर उन्हें एक्शन फिल्मों में ‘ही मैन’ यानी मजबूत कद-काठी की आकर्षक छवि वाले अभिनेता के तौर पर देखा जाता है, लेकिन सच यह है कि उनका दायरा इससे काफी बड़ा था। वह चाहे सामाजिक सरोकार वाले मुद्दे पर बनी फिल्म ‘सत्यकाम’ में अपने आदर्श को लेकर एक जिद्दी नौजवान हो या ‘अनुपमा’ के संवेदनशील लेखक का किरदार, या फिर इससे इतर ‘चुपके चुपके’ में अपने हास्य से दर्शकों के बीच एक अलग छवि में सामने आना, वे किसी खास बंधन वाली छवि में कैद नहीं रहे।
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अलग-अलग भूमिकाओं वाली उनकी फिल्मों की एक लंबी शृंखला है। उन्होंने राजनीति में भी अपनी उपस्थिति दर्ज की, हालांकि सियासत उन्हें रास नहीं आई। दरअसल, अपने बहुआयामी अभिनय के लिए मशहूर हुए धर्मेंद्र निजी जिंदगी में शायरी को पसंद करने वाले एक भावुक, सादा और दरियादिल इंसान थे। धर्मेंद्र ने अपने चाहने वालों की एक ऐसी दुनिया तैयार की, जहां वे अपनी सजीली मुस्कान के साथ हमेशा मौजूद रहेंगे।
