कई बड़े अपराधों और आतंकी वारदातों के अलावा मुंबई विस्फोटों के लिए जिम्मेदार और सर्वाधिक वांछित दाऊद इब्राहिम की गिरफ्तारी के लिए भारत लंबे समय से कोशिश कर रहा है। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कामयाबी नहीं मिल पाई है। यह हैरानी की बात है कि भारत में वांछित किसी अपराधी के बारे में किसी दूसरे मुल्क के पास जानकारी होती है और वह उसे सार्वजनिक भी करता है तो भी हमारे देश का खुफिया तंत्र कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाता है। ताजा घटनाक्रम में ब्रिटेन ने अपनी ओर से जारी आर्थिक पाबंदियों की सूची में दाऊद इब्राहिम को भी रखा है। सोमवार को वहां के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी ‘फाइनेंशियल सैंक्शन टार्गेट्स इन द यूके’ नाम से जारी सूची में इस माफिया डॉन के जिन तीन ठिकानों का जिक्र किया गया है, वे पाकिस्तान में स्थित हैं। इसके अलावा दाऊद के इक्कीस उपनामों का भी उल्लेख किया गया है।
यानी यह साफ है कि दाऊद इब्राहिम किन ठिकानों और कितने नामों का इस्तेमाल करके दुनिया की आंखों में धूल झोंकता रहा है। हो सकता है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों या किन्हीं तकनीकी वजहों से हमारे देश की पुलिस और संबंधित महकमे उसे खोजने और गिरफ्तार कर सकने में अब तक नाकाम रहे हों लेकिन उम्मीद है कि ब्रिटेन की ओर से सार्वजनिक की गई जानकारी के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस योजना बनाई जा सकेगी। गौरतलब है कि दाऊद इब्राहिम 1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों का मुख्य आरोपी है, जिसमें दो सौ साठ लोगों की जान चली गई थी और सात सौ से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मुंबई में अपराधों की दुनिया में कुख्यात दाऊद बम धमाकों की उस घटना को अंजाम देने के बाद भारत से भाग गया था। माना जाता है कि तब से पाकिस्तान में वह अलग-अलग ठिकानों पर रह रहा है। लेकिन पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर लगातार दाऊद के अपने यहां होने से इनकार करता रहा है। दूसरी ओर, भारत सरकार ने दाऊद के पासपोर्ट को रद्द कर दिया है। फिर भी, अगर दुबई और दुनिया के अपने दूसरे ठिकानों पर अक्सर उसके आने-जाने की खबरें आती रही हैं तो जाहिर है कि ऐसा बिना पासपोर्ट के संभव नहीं हो सकता।
ऐसे में इस आरोप को बल मिलता है कि भारत से पासपोर्ट रद्द होने के बाद दाऊद ने पाकिस्तान में अपना पासपोर्ट बनवाया और उसी का दुरुपयोग कर रहा है। करीब डेढ़ साल पहले जब भारत ने दाऊद पर शिकंजा कसने के लिए ब्रिटेन से बातचीत की थी तो उसके बाद कुछ संभावना बनी कि इसका दबाव पाकिस्तान पर बनेगा। यों ऐसे भी मौके आए जब पाकिस्तान ने यह माना कि दाऊद वहीं कहीं छिपा हुआ था, लेकिन उसे वहां से खदेड़ा जा चुका है। लेकिन भारत का आरोप है कि दाऊद आज भी पाकिस्तान में ही किसी ठिकाने से अपनी गतिविधियां चलाता है। इस तथ्य को ब्रिटेन ने भी माना था, जब पिछले साल वहां की प्रतिबंध सूची में दाऊद के जिन चार पतों का जिक्र किया था, वे पाकिस्तान में ही थे। अब एक बार फिर ब्रिटेन की ओर से जारी सूची में जिस तरह उसके पाकिस्तान के ही पते का जिक्र है, उससे साफ है कि दाऊद के ठिकाने कहां हैं! इससे पहले अबू सलेम को पकड़ने और भारत लाने में जैसी कामयाबी मिली थी, उसी तरह जरूरत इस बात की है कि भारत इंटरपोल और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की मदद से दाऊद की भी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण के लिए ठोस कोशिश करे।

