उत्तर प्रदेश में अपराधियों से लोहा ले रहे 8 पुलिसकर्मी एक ही रात में शहीद हो गए। गुरुवार को पुलिस की एक टीम कानपुर में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को दबोचने गई थी लेकिन यहां एक साजिश के तहत अपराधियों ने ऊंचाई से पुलिसवालों पर गोलियां बरसा दीं। अपराधियों की इस करतूत ने उत्तर प्रदेश पुलिस को हिला कर रखा दिया है। हालांकि इस रात एक नहीं बल्कि अलग-अलग जिलों में अपराधियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई।
कानपुर में 8 पुलिसकर्मी शहीद: देर रात पुलिस की एक टीम ने कानपुर के चौबेपुर थाना इलाके के बिकरू गांव में दबिश दी थी। पुलिस यहां हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी। हालांकि विकास दुबे और उसके गुर्गे पूरी तैयारी के साथ बैठे थे और ऐसा लग रहा था जैसे वो पुलिस का ही इंतजार कर रहे थे। अपराधियों ने जीसीबी लगाकर पुलिस का रास्ता रोका दिया और फिर जैसे ही पुलिस वाले अपनी गाड़ी से उतरे उनपर अंधाधुंध फायरिंग कर दी गई। इस फायरिंग में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए।
अलीगढ़ में 12.30 बजे इनामी अपराधी ढेर: इस रात कानपुर के अलावा अलीगढ़ में भी पुलिसवाले अपराधियों से लोहा ले रहे थे। दरअसल एसटीएफ की नोएडा यूनिट को खबर मिली थी कि लुटेरों का एक गैंग यमुना एक्सप्रेस-वे पर लूट की प्लानिंग कर रहा है। सूचना मिलने के बाद दल-बल के साथ मौके पर पहुंची एसटीएफ की भिड़ंत हरियाणा के रहने वाले 57 हजार रुपए के इनामी अपराधी बबूल से हो गई। पुलिस की गोली से बबूल जख्मी हो गया और फिर उसकी मौत हो गई।
बाराबांकी में बदमाश घायल: रात के अंधेरे में वारदात को अंजाम देने की कोशिश में जुटा एक अपराधी पुलिस की गोली से जख्मी भी हुआ। बाराबांकी में जब पुलिस ने इसे चेकिंग के लिए रोता तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। एनकाउंटर के दौरान पुलिस की गोली इनामी बदमाश रामू वर्मा के पैर में लगी और वो जख्मी हो गया। हालांकि यहां से एक अन्य बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
रात में धराया इनामी नारायण यादव: कुख्यात बदमाश नारायण यादव को वाराणसी से ही गुरुवार को दबोचा गया था। 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश के साथ भी पुलिस की मुठभेड़ हुई थी। पैर में गोली लगने के बाद नारायण यादव घायल हो गया और फिर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। नारायण यादव पर डेढ़ दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।

