नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार कर लिया है। रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी के बाद से लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड ACP, वेद भूषण ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रिया के ख़िलाफ़ केस बहुत कमज़ोर और हास्यास्पद है, जितना ड्रग्स का केस रिया पर बना है उतना गांजा दिल्ली की सड़कों पर मिलता है।

रिटायर्ड ACP, वेद भूषण का कहना है कि चूकि ड्रग्स की रिकवरी रिया के पास से नहीं हुई है इसलिए यह केस काफी कमजोर है। ये एक ऐसा एक्ट है जिसके तहत आरोपी को यह साबित करना होता है कि ड्रग्स उससे रिकवर नहीं हुई है और वो उससे कनेक्ट नहीं है। बाकि सभी केसों में प्रॉसिक्यूटर को यह साबित करना होता है कि यह अपराध आरोपी ने ही किया है। यह अकेला ऐसा एक्ट है जिसनें यह साबित करना होता है कि यह मेरे पास से नहीं मिला है और मेरी इसमें भूमिका नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह केस काफी कमजोर है क्योंकि यूजर की मौत हो चुकी है और रिया के पास से कोई ड्रग्स नहीं मिला है। इसलिए उन्हें सिर्फ इतना साबित करना है कि वो इस ड्रग्स से कनेक्टेड नहीं हैं। पूर्व ACP ने यह बात ‘न्यूज 24’ चैनल पर एक डिक्शन के दौरान कही।

उन्होंने दिल्ली पुलिस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ‘दिल्ली के अंदर अगर आप सड़क पर चले जाएं तो मैं आपको यहीं बैठकर जगह बताउंगा जहां 100-100 ग्राम गांजा लेकर लोग गांव के अंदर घूमते हैं। यह बड़ी हंसी की चीज है।’ ट्विटर पर कई लोगों ने पूर्व ACP के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी है।

भारत सिंह सेंगर नाम के एक ट्विटर यूजर ने कहा कि ‘इसका जबाब तो दिल्ली पुलिस को देना चाहिए ,,,।क्योंकि दिल्ली पुलिस के पूर्व अधिकारी बयान है ,,,मतलब दिल्ली में सड़कों पे ऐसे ही गांजा मिलता है।’ विजय शर्मा नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि ‘रिटायर्ड ऑफिसर कह रहे हैं कि गांजा सड़कों पर मिलता है…तो यह सच्चाई है दिल्ली पुलिस की।’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिया चक्रवर्ती को एनडीपीएस एक्ट, 1985 की विभिन्न धाराओं 20, 22, 27, 27 (ए) और 29 के तहत गिरफ्तार किया गया है। कानून के मुताबिक धारा 27 ए में 10 साल की सजा का प्रावधान है। धारा 20 के तहत 10 साल की सजा और 1 लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है। धारा 22 के तहत 1 साल की सजा और 10 हजार रुपए का जुर्माना, धारा 27 के तहत 1 साल की सजा 20 हजार का जुर्माना तय किया गया है। वहीं धारा 29 के तहत 1 साल की सजा 10 हजार का जुर्माना तय है।