महाराष्ट्र के पुणे में एक गैंगस्टर के जेल से छूट कर आने के बाद उसका फूलों से स्वागत किया गया। इतना ही नहीं कुख्यात अपराधी गजानन मार्ने के स्वागत में भारी भीड़ जमा हुई और करीब 50 गाड़ियों के साथ रोड शो भी हुआ। गैंगस्टर गजानन मार्ने के जेल से बाहर आने का एक वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में नजर आ रहा है कि जेल से बाहर आने के बाद गैंगस्टर एक सफेद रंग की कार पर सवार है। वहां उसके समर्थकों की भारी भीड़ जमा है जो हाथ उठा कर उसका अभिवादन कर रही है। गजानन मार्ने पर फूल बरसा कर उसका स्वागत किया गया।
इसके बाद गैंगस्टर का काफिला मुख्य सड़क पर आता है। सड़क पर करीब 50 गाड़ियां उसके काफिले में चल रही हैं। चलती गाड़ी में कई लोग खड़े भी नजर आ रहे हैं। बड़ी हैरानी की बात यह भी है कि पुणे के गैंगस्टर गजानन मारणे के समर्थकों की यह रैली तलोजा जेल से पुणे तक निकाली गई और इस दौरान कोरोना से जुड़े बेहद अहम नियमों की भी अनदेखी की गई। इस रैली में ना तो मास्क पहनने का ध्यान रखा गया और ना ही सोशल डिस्टेन्सिंग का।
पुणे की जेल से बाहर निकला गैंगस्टर गजानन मार्ने का हुआ फूलों से स्वागत, 50 गाड़ियों के साथ हुआ रोड शो; हंगामा करने पर फिर से दर्ज हुआ केस#Maharashtra #Pune pic.twitter.com/fXhBCnIvjP
— News24 (@news24tvchannel) February 16, 2021
बता दें कि सोमवार शाम को गजानन मार्ने बुलेटप्रूफ एसयूवी में अपने गार्ड्स के साथ बाहर निकला। समर्थक जेल के मुख्य द्वार पर पहले से इंतजार कर रहे थे। उसे देखते ही नारेबाजी शुरू हो गई और फूलों की बारिश के बाद तलोजा जेल से एक रोड शो शुरू हुआ। गजानन मार्ने आगे-आगे चल रहा था और उसके समर्थक 50 से ज्यादा गाड़ियों में सवार होकर पीछे चल रहे थे। गजानन पर आरोप है कि मुंबई एक्सप्रेसवे पर पड़ने वाले किसी भी टोल प्लाजा पर इनकी गाड़ी नहीं रुकी और किसी ने टोल के पैसे नहीं दिए।
बहरहाल पिंपरी चिंचवाड़ के कमिश्नर कृष्ण प्रकाश ने मीडिया को बताया कि इस रोड शो को कवर करने के लिए बिना अनुमति के ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया गया। हमने उस ड्रोन को जब्त कर लिया है। गजानन और उसके अज्ञात समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 143, 273 और 135 के तहत केस दर्ज किया गया है।
गजानन मार्ने पुणे शहर का एक कुख्यात गैंगस्टर है। वह तलोजा जेल में मर्डर के मामले में बंद था। न्यायालय ने उसे दोषमुक्त कर दिया है। बताया जाता है कि गजानन मार्ने पर पिंपरी चिंचवाड़ के रहने वाले अमन बादे और पप्पू गावड़े की हत्या का आरोप था। यह दोनों भी अपराधी थे और गजानन गैंग के खिलाफ काम कर रहे थे। इस हत्याकांड के बाद शहर में गैंगवार की स्थिति बन गई थी। तील साल पहले पुलिस ने गजानन मार्ने को अरेस्ट किया था और वह मुंबई की तलोजा जेल में बंद था। इस मामले में लगातार सुनवाई हुई और अदालत ने सबूतों के अभाव में गजनान को जेल से रिहा कर दिया।
