महाराष्ट्र में कोरोना का कहर सबसे ज्यादा बरपा है। इस बीच यहां लोगों को कोरोना से बचने के लिए दवा बांट रही आशा कार्यकर्ता के साथ कुछ लोगों ने बदसलूकी की है। मंगलवार (09-06-2020) को पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 42 साल की स्वास्थ्यकर्मी शनिवार को कोल्हापुर के कारविर तहसील के खतानगले गांव में थीं।
यहां वो आयुष मंत्रालय की तरफ से स्वीकृत होमियोपैथिक दवा का वितरण लोगों के घर जाकर कर रही थीं। यह दवा कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में कारगर मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि दवा बांटने के दौरान एक परिवार के सदस्यों ने महिला स्वास्थकर्मी से कहा कि यह दवा उन्हें क्यों नहीं दी गई।
पुलिस के मुताबिक आशा कार्यकर्ता ने परिवार के सदस्यों को बताया कि यह दवा सिर्फ 50 साल से ज्यादा के उम्र के लोगों को ही दी जानी है। लेकिन आशा कार्यकता की यह बात सुनकर यह लोग नाराज हो गए और उनके साथ हाथापाई करने लगे।
इतना ही नहीं आरोप यह भी है कि इन लोगों ने स्वास्थ्य कर्मी को उनकी ड्यूटी करने से भी रोका। सभी आरोपी एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में जिन चार लोगों को आरोपी बनाया है उनमें – वैशाली पाटिल, कृष्णा पाटिल, एकनाथ पाटिल और पंडित पाटिल शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी लोगों पर महामारी एक्ट और आपदा प्रबंधन की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
आपको बता दें कि पूरे देश में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में ही कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं। राज्य में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 88 हजार के पार पहुंच चुकी है। यहां 3000 से ज्यादा लोगों की मौत भी इस संक्रमण की वजह से हो चुकी है।
आपको बता दें कि स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सक इस वक्त पूरे देश में लोगों की जिंदगी बचाने के लिए बड़ी जंग लड़ रहे हैं। ऐसे में प्रशासन तथा सरकार ने साफ किया है कि स्वास्थ्यकर्मियों से किसी भी तरह की बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
