केरल में सोना तस्करी के मामले ने राजनीतिक हलकों में भी भूचाल ला दिया है। यहां सबसे पहले आपको बता दें कि बीते रविवार को तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कस्टम विभाग के अधिकारियों ने करीब 30 किलो सोना बरामद किया था। इस मामले में अब केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्नितला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा है। यह ख़त यूएई दूतावास से जुड़ी चीजों के गलत इस्तेमाल को लेकर है। उन्होंने अपने खत में अंदेशा जताया है कि विदेश से सोना तस्करी के मामले में सरकारी अधिकारी शामिल हो सकते हैं लिहाजा इस मामले की जांच कराई जाए। उन्होंने लिखा है कि यह देश की आतंरिक सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है और इससे यूएई तथा भारत के संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।

4 जुलाई को कस्टम विभाग ने एयरपोर्ट पर अवैध तरीके से लाए गए 30 करोड़ रुपए का सोना जब्त किया था। इस मामले में केरल सरकार में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और सीएम पिनरई विजयन के मुख्य सचिव एम शिवशंकर को हटा दिया गया है। इस मामले में उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

वहीं इस मामले में Kerala State Information Technology Infrastructure Limited (KSITL) की मैनेजर स्वप्न सुरेश की भूमिका की बात सामने आई है यहां सूचना प्रोद्यौगिकी विभाग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन है इसीलिए विपक्ष यहां सीएम के कार्यालय के तार भी इस रैकेट से जुड़ने की बात कह रहा है।

हालांकि इन सभी आरोपों पर अब केरल के सीएम ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा है कि स्वप्न को बिना उनकी जानकारी के ही नौकरी दी गई थी। उन्होंने कहा कि ‘मुझे नहीं पता कि किन हालातों में उन्हें नौकरी दी गई…मुझे इसकी जानकारी नहीं दी गई थी।’

कस्टम विभाग ने जो 30 किलो सोना पकड़ा है उसकी कीमत 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है। जिस बैग में यह सोना था उसमें UAE Consulate-General का पता लिखा हुआ था। इस मामले में सरीथ कुमार नाम के एक युवक को पकड़ा गया था।

पता चला था कि UAE Consulate-General के कार्यालय में सरीथ ने पीआरओ के तौर पर काम किया था। सरीथा ने ही इस मामले में स्वप्न की भूमिका के बारे में बताया था। बताया जा रहा है कि स्वप्ना इस मामले के सामने आने के बाद से फरार हैं।