Kanpur Encounter News: कानपुर एनकाउंटर के 3 दिन बाद भी विकास दुबे की तलाश जारी है। इस बीच मामले में अहम खुलासा हुआ है। बदमाश विकास दुबे के संपर्क में चौबेपुर पुलिस थाने के दो दारोगा और एक सिपाही थे। इनकी कॉल डिटेल से खुलासा हुआ है। इसके बाद दारोगा कुंवर पाल और कृष्ण कुमार शर्मा समेत सिपाही राजीव को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है और मामले की जांच शुरू हो गई है। वहीं कानपुर पुलिस लाइन से 10 पुलिसकर्मियों को चौबेपुर थाने में तैनाती दी गई है। दरअसल विकास को पुलिस की मुखबिरी करने पर थाने के 10 पुलिसकर्मियों से एसटीएफ पूछताछ कर रही है।
इस बीच, सोमवार को विकास दुबे की बिजनौर में लोकेशन मिली। बताया गया कि वह अपने 6 साथियों के साथ स्कॉर्पियो कार में सवार था। उसके साथ एक और स्कॉर्पियो थी। इसके बाद जिले भर में चेकिंग अभियान चलाया गया, लेकिन कहीं गाड़ी नहीं मिली। पुलिस को शक है कि विकास जिले में ही कहीं छिपा है। पुलिस उसका ठिकाना तलाशने में जुटी है। ऐसी भी चर्चा है कि वह साथियों के साथ उत्तराखंड में घुस गया है। हालांकि, ऐसी पुख्ता जानकारी नहीं मिली है।
बता दें कि रविवार को विकास दुबे का करीबी दयाशंकर अग्निहोत्री को पकड़ा गया था। उसने कबूल किया था कि विकास दुबे ने ही पुलिसवालों पर गोली चलाई थी। दयाशंकर ने बताया था कि रेड की खबर विकास को थाने से पता चली थी, जिसके बाद विकास ने 25-30 लोगों को बुलाया था।
एनकाउंटर के दौरान शहीद हुए सीओ देवेंद्र मिश्र की एक चिट्ठी सामने आई है। देवेंद्र मिश्र ने यह चिट्ठी कानपुर के एसएसपी को लिखी थी। इसमें उन्होंने बड़े हमले की आशंका जताई थी। मिश्र ने एसएसपी को लिखी चिट्ठी में कहा था कि उन्होंने थानाध्यक्ष विनय तिवारी को अपराधी विकास दुबे के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया, लेकिन थानाध्यक्ष ने कार्रवाई नहीं की। सीओ ने एसएसपी को यह भी चेताया था कि अगर जल्द कोई कार्रवाई न हुई तो गंभीर घटना हो सकती है।
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विकास दुबे को पकड़ने की कोशिशें जारी हैं। इस बीच हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर इनाम की राशि को बढ़ाकर ढाई लाख रुपया कर दिया गया है। पुलिस की कई टीमें इस वक्त विकास की तलाश कर रही है।

Highlights
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह आरोप लगाया, ‘‘योगी आदित्यनाथ के राज में उत्तर प्रदेश में अपराध चरम पर हैं। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे अभी तक फरार है और योगी की पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही है।’’ ंिसह ने गत दो/तीन जुलाई की दरमियानी रात को दुबे के गुर्गों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में शहीद हुए पुलिस उपाधीक्षक देवेन्द्र मिश्रा द्वारा 14 मार्च को अपने अधिकारी को लिखे कथित पत्र का जिक्र भी किया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मिश्रा ने उस पत्र में गम्भीर घटना घटित होने की आशंका जताई थी और चौबेपुर के थाना अध्यक्ष विनय तिवारी और अपराधी विकास दुबे का सच खोला था।
आम आदमी पार्टी (आप) ने कानपुर जिले के बिकरू गांव में पिछले हफ्ते आठ पुलिसर्किमयों की हत्या के मास्टरमाइंड विकास दुबे के 60 मुकदमों में वांछित होने के बावजूद खुलेआम घूमने के मामले की उच्च न्यायालय के किसी सेवारत न्यायाधीश से जांच करने की मांग की है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में सवाल उठाया कि दुबे पर 60 मुकदमे दर्ज थे और वह ढाई साल से बाहर घूम रहा था, आखिर उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? इसकी उच्च न्यायालय के किसी सेवारत न्यायाधीश से जांच कराई जानी चाहिए ताकि खुलासा हो सके कि दुबे को किसका राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था।
कानपुर के बिकरू गांव में पिछले हफ्ते बदमाशों के साथ मुठभेड़ में जान गंवाने वाले पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र मिश्रा की बेटी ने इस मामले की गहराई से जांच कराए जाने की मांग की है।
मिश्रा की बेटी वैष्णवी ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि उसने और उसके चाचा ने देवेंद्र मिश्रा की निजी फाइलें, दस्तावेज और व्हाट्सएप संदेशों को खंगाला है और उन्हें मीडिया के सामने पेश किया है। इसमें वह पत्र भी शामिल है, जो मिश्रा ने तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव तिवारी को लिखा था, जिसमें उन्होंने चौबेपुर के थाना अध्यक्ष विनय तिवारी की शिकायत की थी।
कानपुर में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी विकास दुबे के सोमवार को बिजनौर में होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी की। आला अधिकारी और फोर्स सड़क पर उतर आई। बिजनौर की सीमाएं सील कर दी गईं। पुलिस कप्तान खुद दल-बल के साथ पहुंचे। हर वाहन की तलाशी ली गई। हालांकि, चार घंटे की मशक्कत के बाद भी विकास दुबे का पता नहीं चल सका।
कानुपर एनकाउंटर में शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा द्वारा एसएसपी को लिखे पत्र के वायरल होने के बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने तत्कालीन एसएसपी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखकर घटना की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रकरण में तत्कालीन एसएसपी की भूमिका भी सही नहीं है। क्षेत्राधिकारी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष विनय तिवारी और विकास दुबे को लेकर पूरी जानकारियां एसएसपी को दी थीं, लेकिन एसएसपी ने उन सभी को नजरअंदाज कर दिया था।
बता दें कि मामले में रविवार को विकास दुबे का करीबी दयाशंकर अग्निहोत्री पकड़ा गया था। उसने कबूल किया था कि विकास दुबे ने ही पुलिसवालों पर गोली चलाई थी। दयाशंकर ने बताया था कि छापेमारी की खबर विकास को थाने से पता चली थी। जिसके बाद विकास ने 25-30 लोगों को बुलाया था। वे सभी लोग हथियारों से लैस थे।
पुलिस बिकरू गांव स्थित विकास दुबे के घर के बगले में बने कुएं का पानी निकलवा रही है। पुलिस को शक है कि विकास दुबे और उसके गुर्गों ने कहीं इसी कुएं में तो हथियार और कुछ अन्य सबूत फेंक तो नहीं दिए हैं। विकास दुबे अभी फरार चल रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस ने विकास दुबे के सिर पर ढाई लाख का इनाम घोषित किया है। सूबे के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने पहले विकास दुबे पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। फिर इसे एक लाख किया गया। अब इसे बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर किया गया है। मामले में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिस जवानों की हत्या करने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की तलाश में अब भी यूपी पुलिस छापेमारी कर रही है। विकास दुबे के कई करीबियों से पूछताछ और गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। इस बीच सोमवार को उससे जुड़ी कुछ जानकारी पुलिस को मिली है। जानकारी के अनुसार, विकास दुबे मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में होने की संभावना जताई जा रही हैं। इसके चलते इस क्षेत्र की पुलिस को सतर्क कर दिया गया है। अभियुक्त विकास दुबे पर यूपी सरकार ने ढाई लाख का इनाम घोषित किया है।
कानपुर के चौबेपुर में हुई मुठभेड़ को 80 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। इस बीच, फतेहपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे राकेश सचान ने पुलिस पर कटाक्ष किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, पहले जनता के ढूँढ़ने पर विकास नहीं मिल रहा था अब तो पुलिस के ढूंढ़ने पर भी नहीं मिल रहा।
संपादकीय में लिखा गया है, मुख्य आरोपी विकास दुबे का एक सहयोगी गिरफ्तार हुआ है जबकि वह खुद फरार है। ऐसी खबरें हैं कि दुबे घटना के बाद नेपाल फरार हो गया है। मराठी मुखपत्र ‘सामना’ में कहा गया कि भारत का संबंध नेपाल के साथ अभी अच्छा नहीं है। संपादकीय में यह उम्मीद जताई गई है कि भारत के लिए दुबे नेपाल में दाऊद जैसा न साबित हो। मुखपत्र में प्रत्यक्ष तौर पर दाऊद का जिक्र उन खबरों के हवाले से किया गया जिनमें यह बताया गया है कि दाऊद इब्राहीम भारत से भागने के बाद पाकिस्तान में रह रहा है। शिवसेना ने कहा, ‘कानपुर में पुलिसकर्मियों की हत्या ने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट उत्तर प्रदेश सरकार की पोल खोल दी।’
शिवसेना ने सोमवार को कहा कि कानपुर मुठभेड़ ने ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ उत्तर प्रदेश सरकार की पोल खोल दी है। इस घटना से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज्य में गुंडई खत्म करने के दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। कानपुर में मुठभेड़ में छह पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया कि ‘उत्तम प्रदेश’ अब पुलिसकर्मियों के खून से रक्तरंजित है और इस घटना ने देश को स्तब्ध कर दिया है। पिछले सप्ताह कानपुर के निकट एक गांव में एक पुलिस उपाधीक्षक समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या गैंगेस्टर विकास दुबे के गुंडों ने कर दी।
कानपुर की चकेरी पुलिस ने कुख्यात अपराधी विकास दुबे की तलाश में उन्नाव के अजगैन थाना क्षेत्र में स्थित टोल प्लाजा पर पोस्टर लगाकर उसकी तलाश तेज कर दी है। इस संबध में उन्नाव पुलिस ने कहा कि चकेरी पुलिस द्वारा यह पोस्टर लगाए गया है। उन्नाव जिले की पुलिस कानपुर में घटे अपराध के बाद से ही चौकस है। लगातार क्षेत्राधिकारियों की मौजूदगी में विभिन्न थानों की पुलिस सीमा पर वाहन चेकिंग अभियान चला रही है। टोल प्लाजा पर जांच कर रहे अजगैन इंसपेक्टर अरविन्द सिंह ने बताया कि पोस्टर चकेरी पुलिस द्वारा लगाया गया है।
शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा की बेटी वैष्णवी ने कहा कि वह पुलिस में भर्ती होकर अपने पिता की हत्या का बदला जरूर लूंगी। उन्होंने कहा कि यह हत्याकांड एक बड़ी साजिश है। वैष्णवी ने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। जिससे साजिश का पर्दाफाश हो सके। सूत्रों के मुताबिक, देवेंद्र मिश्रा ने पहले ही उच्चाधिकारियों से चौबेपुर के निलंबित एसएचओ विनय तिवारी को हटाने की सिफारिश की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह जानकारी सामने आई है कि विकास दुबे के खिलाफ कार्रवाई से पहले चौबेपुर थाने से इसकी जानकारी लीक गई थी। मामले में चौबेपुर थाना प्रभारी विनय तिवारी पहले सस्पेंड किए जा चुके हैं। सोमवार को शुरुआती जांच में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण थाने के एसआई कुंवर पाल सिंह, कृष्ण कुमार शर्मा और सिपाही राजीव को सस्पेंड कर दिया गया। बताया जा रहा है कि तीनों विकास के संपर्क में थे। हालांकि, विभाग की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
एक चर्चा ये भी है कि विकास दुबे के पास करोड़ों की नकदी और जेवरात थे। उसको वह ठिकाने लगाने का इंतजाम कर रहा था, तभी पुलिस के आने की सूचना मिली। यही वजह है कि उसने भागने के बजाए मोर्चा लेने की ठीन ली और वारदात को अंजाम दिया।
कानपुर पुलिस के मुताबिक शिवली के शोभन में विकास ने अपने भाई दीपू दुबे के नाम करीब 20 बीघा जमीन खरीदी थी। बिकरू, दिलीपनगर, कांशीराम निवादा, बिल्हौर, चौबेपुर कस्बा, बिठूर व कल्याणपुर में भी उसके व रिश्तेदारों के नाम पर प्लाट व खेत हैं। इन जमीनों की कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही हैं। शहर के कल्याणपुर क्षेत्र में मकड़ीखेड़ा व काकादेव के साथ ही लखनऊ के इंदिरानगर में उसके मकान हैं। इन मकानों की कीमत भी करीब पांच से सात करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा विकास, उसकी पत्नी रिचा, बच्चों, भाइयों, पिता, मां और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर भी कई संपत्तियां व जमीनें हैं।
आरोपी विकास दुबे का 3 साल पुराना एक वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। ये वीडियो 2017 का बताया जा रहा है। इस वीडियो में पुलिस विकास दुबे से पूछताछ कर रही है। इसमें विकास दुबे ने दो विधायकों समेत कई नेताओं का नाम लिया है जो उसकी मदद करते हैं। इन विधायकों के नाम भगवती सागर और अभिजीत सिंह सांगा है, ये दोनों बीजेपी के विधायक हैं। हालांकि अभी इस वीडियो की कोई पुष्टि हीं हुई है। जनसत्ता डॉट कॉम भी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
हिस्ट्रीशीटर विकास को इस बात की जानकारी थी कि पुलिस की टीमें दबिश देने के लिए आ रही हैं। विकास ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस पर हमले का प्लान तैयार कर लिया था। विकास को पुलिस के हर मूवमेंट की जानकारी मिल रही थी। उस तक यह सूचना कौन पहुंचा रहा था, इसकी जांच चल रही है. इससे पहले चौबेपुर थानाध्यक्ष विनय तिवारी को भी संस्पेंड किया जा चुका है।
यूपी के कानपुर एनकाउंटर को लेकर एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। अब एनकाउंटर के दौरान शहीद हुए सीओ देवेंद्र मिश्रा की एक चिट्ठी सामने आई है। देवेंद्र मिश्रा ने यह चिट्ठी कानपुर के एसएसपी को लिखी थी. इसमें उन्होंने बड़े हमले की आशंका जताई थी। मिश्रा ने एसएसपी को लिखी चिट्ठी में कहा था कि उन्होंने थानाध्यक्ष विनय तिवारी को अपराधी विकास दुबे के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया, लेकिन थानाध्यक्ष ने कार्रवाई नहीं की. सीओ ने एसएसपी को यह चेताया भी था कि अगर जल्द कोई कार्रवाई न हुई तो गंभीर घटना हो सकती है।
कानपुर एनकाउंटर को लेकर कई खुलासे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि विकास को गिरफ्तार करने और एसओ विनय तिवारी की लापरवाहियों को सामने लाने के लिए गुरुवार रात ऑपरेशन के लिए सीओ ने एक टीम तैयार की थी। इसके लिए जिले के सीनियर अधिकारियों से अनुमति ली गई। हालांकि जोश के बीच बड़ी रणनीतिक चूक हुई। सीओ पुलिस टीम का नेतृत्व करते हुए सबसे आगे थे। विकास ने अपनी बंदूक से सबसे पहले सीओ को निशाना बनाकर गोली मारी। रविवार सुबह विकास के गुर्गे दयाशंकर ने भी कबूला कि विकास ने फायरिंग की थी।
कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र में स्थित बिकरू गांव में कुख्यात अपराधी विकास दुबे व उसके साथियों द्वारा 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद पूरी उत्तर प्रदेश की पुलिस उसकी तलाश में है। इसी क्रम में मिश्रिख इलाके के नैमिष में रविवार को चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो लग्जरी गाड़ियों से 9 असलहे और 150 कारतूस बरामद किया। असलहों में 6 रायफल, एक बंदूक और दो पिस्टल हैं। दोनों गाड़ियों से 13 लोग हिरासत में लिए गए। सूत्रों के अनुसार इनमें विकास दुबे का रिश्तेदार अनुपम दुबे और उसके दोस्त हैं। उसके खिलाफ फर्रूखाबाद जिले समेत कई थानों में 30 संगीन मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या तक के केस भी हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अनुपम दुबे BSP का नेता है और विकास दुबे का दूर का रिश्तेदार भी है।
कानपुर एनकाउंटक के 3 दिन बाद भी विकास दुबे की तलाश जारी है। इस बीच कानपुर शूटआउट में अहम खुलासा हुआ है। बदमाश विकास दुबे के संपर्क में चौबेपुर पुलिस थाने के दो दारोगा और एक सिपाही थे। इनकी कॉल डिटेल से खुलासा हुआ है। इसके बाद दारोगा कुंवर पाल और कृष्ण कुमार शर्मा समेत सिपाही राजीव को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है और मामले की जांच शुरू हो गई है। गौरतलब है कि कल यानी रविवार को विकास दुबे का करीबी दयाशंकर अग्निहोत्री पकड़ा गया था। उसने कबूल किया था कि विकास दुबे ने ही पुलिसवालों पर गोली चलाई थी। दयाशंकर ने बताया था कि रेड की खबर विकास को थाने से पता चली थी, जिसके बाद विकास ने 25-30 लोगों को बुलाया था।
कानपुर एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एसएसपी कानपुर दिनेश कुमार पी ने तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। चौबेपुर में तैनात दरोगा कुंवर पाल, दरोगा कृष्ण कुमार शर्मा और सिपाही राजीव को निलंबित किए गए हैं। इन तीनों की कॉल डिटेल्स में विकास दुबे का नंबर मिलने पर कार्रवाई हुई है।
यूपी के कानपुर एनकाउंटर को लेकर एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। अब एनकाउंटर के दौरान शहीद हुए सीओ देवेंद्र मिश्रा की एक चिट्ठी सामने आई है। देवेंद्र मिश्रा ने यह चिट्ठी कानपुर के एसएसपी को लिखी थी। इसमें उन्होंने बड़े हमले की आशंका जताई थी। मिश्रा ने एसएसपी को लिखी चिट्ठी में कहा था कि उन्होंने थानाध्यक्ष विनय तिवारी को अपराधी विकास दुबे के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया, लेकिन थानाध्यक्ष ने कार्रवाई नहीं की। सीओ ने एसएसपी को यह चेताया भी था कि अगर जल्द कोई कार्रवाई न हुई तो गंभीर घटना हो सकती है।
यूपी की सीमाओं को सील कर दिया गया है। नेपाल बॉर्डर पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। विकास की अंतिम लोकेशन पुलिस ने औरैया में ट्रेस की थी। पुलिस अधिकारी ये बता रहे हैं कि वो यूपी की सीमाओं को सील करने से पहले ही यूपी छोड़ चुका था।
पुलिस ने बिकरू गांव में विकास के मकान को जमींदोज कर दिया है। उसके घर से भारी मात्रा में असलहा बारूद मिला है। पुलिस ने उसके घर की दीवारों में चुने हुए हथियार भी बरामद किए है। पुलिस ने विकास के बैंक खातों को सीज कर उसके संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है।
लॉकडाउन में शिवली बार्डर पर बिकरु गांव के मोड़ के पास सीमा सील की गई थी। जहां दरोगा केके शर्मा के साथ पुलिस बल तैनात था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन तीन महीनों के दौरान लॉकडाउन में बार्डर पर तैनात चौबेपुर पुलिस के लिए खाना मोस्टवांटेड विकास के घर में ही बनता था। हर फरमाइश पूरी होती थी। जो पुलिसकर्मी नॉनवेज के शौकीन थे उनके लिए विकास की टीम में शामिल मदारीपुरवा के राम सिंह के घर पर दावत होती थी। पुलिस टीम पर हमला करने वालो में रामसिंह भी नामजद हैं।
विकास दुबे को पकड़ने की कोशिशें जारी हैं। इस बीच हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर इनाम की राशि को बढ़ाकर ढाई लाख रुपया कर दिया गया है। पुलिस की कई टीमें इस वक्त विकास की तलाश कर रही है।
लखनऊ में विकास दुबे के भाई के घर से बरामद सरकारी एंबेसडर गाड़ी में नया मोड़ आया है। लखनऊ पुलिस ने विकास दुबे और भाई दीप प्रकाश दुबे पर एक और मुकदमा दर्ज किया है। दोनों पर रंगदारी और वसूली का एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि विकास दुबे और उसके भाई प्रकाश दुबे ने धमकाते हुए एंबेसडर गाड़ी को विनीत पांडेय नाम के व्यक्ति से जबरन छीन लिया था, जिसके बाद पीड़ित के द्वारा तहरीर देकर मुकदमा दर्ज किया गया है।
दयाशंकर ने पुलिस को बताया कि विकास के पास रात आठ बजे थाने से किसी का फोन आया था। फोन करने वाले ने विकास को बताया था कि देर रात पुलिस उसके यहां दबिश देकर उसे पकड़ने वाली है। इतना सुनते ही विकास के सिर पर खून सवार हो गया था।
विकास दुबे के घर में कौन-कौन हैं? पढ़ेंस से पूछताछ में उसने बताया कि उसके परिवार को दो बेटियां और पत्नी है। पत्नी का नाम रेखा दो बेटियां मुस्कान और महक है। पूछताछ के दौरान दयाशंकर ने बताया कि 3 साल की उम्र में ही उसके माता-पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद से उसे विकास दुबे के माता-पिता ने पाला और शादी विवाह कराया। वह उनके घर में रहकर खाना बनाने और पशुओं को चारा पानी करने का काम करता था। दयाशंकर ने बताया कि घटना के दिन चौबेपुर थाने से विकास के मोबाइल पर रात करीब 8:30 बजे एक फोन आया।
विकास दुबे और उसके सहयोगियों द्वारा पुलिस टीम पर किए गए दुस्साहसिक हमले के बाद अब अपराधियों का मनोबल तोड़ने पर फोकस किया जाएगा। डीजीपी मुख्यालय के निर्देश पर सभी जिलों में पुलिस चिह्नित अपराधियों की सूची को अपडेट करने में जुटी है। इसके साथ ही इन अपराधियों के काले कारोबार का भी ब्योरा खंगाला जा रहा है। बड़े शहरों में सक्रिय ज्यादातर माफिया और अपराधी जमीनों के कारोबार से जुड़े हैं।
विकास को पकडऩे के लिए कानपुर पुलिस जब 3 जुलाई की रात के अंधेरे में चौबेपुर थाने के बिकरू गांव पहुंची, उससे ठीक पहले ही लाइनमैन ने बिकरू गांव की बिजली काट दी। घोर अंधेरे में पुलिस को लोकेशन समझ में नहीं आयी। इसी दौरान पुलिस गोलियों का शिकार हो गई। यूपी एसटीएफ की जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है। बताया जाता है कि चौबेपुर थाने से शिवली सब स्टेशन पर फोन कर गांव की लाइट काटने को कहा था। इसकी पुष्टि एक बिजली कर्मचारी ने की है। शिवली पॉवरहाउस के एक जेई और लाइन मैन को एसटीएफ ने हिरासत में लिया है। पता चला है कि फोन करने वाले ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर कहा था कि गांव में बड़ा कांड हो गया है बिजली काट दो। इसके बाद लाइनमैन मोनू ने बिजली काट दी। एसटीएफ की जांच में यह नंबर चौबेपुर थाने का निकला है।
बदमाश विकास दुबे के संपर्क में चौबेपुर पुलिस थाने के दो दारोगा और एक सिपाही थे। इनकी कॉल डिटेल से इस बात का खुलासा हुआ है। इसके बाद दारोगा कुंवर पाल और कृष्ण कुमार शर्मा समेत सिपाही राजीव को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है और मामले की जांच शुरू हो गई है। बता दें कि रविवार को विकास दुबे का करीबी दयाशंकर अग्निहोत्री पकड़ा गया था। उसने कबूल किया था कि विकास दुबे ने ही पुलिसवालों पर गोली चलाई थी। दयाशंकर ने बताया था कि रेड की खबर विकास को थाने से पता चली थी, जिसके बाद विकास ने 25-30 लोगों को बुलाया था। यह सभी लोग हथियारों से लैस थे।
विकास दुबे पर 1 लाख रुपये के इनाम की घोषणा करने के बाद भी अब तक उसका कुछ पता नहीं चल सका है। विकास की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने धड़पकड़ तेज कर दिए। कानपुर में पुलिस राह चलते लोगों को विकास दुबे की तस्वीर दिखाकर पूछ रही है। विकास के परिवार के लोगों समेत करीब 500 करीबियों के मोबाइल फोन पुलिस ने सर्विलांस पर ले रखे हैं। उसके करीबी पुलिसकर्मियों की भी निगरानी की जा रही है। यूपी के सभी जिलों में विकास दुबे और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है।
पुलिस के हत्थे गैंगस्टर विकास दुबे का गुर्गा चढ़ा है, जो कानपुर एनकाउंटर की रात उसके साथ था। गिरफ्तारी के बाद दयाशंकर अग्निहोत्री ने विकास दुबे के कई राज खोल दिए हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दयाशंकर ने बताया कि कैसे राशन कोटे के आवंटन में विकास दुबे की मनमर्जी चलती थी और कैसे वह बाग में बदमाशों के साथ मीटिंग करता था? पुलिस पूछताछ में दयाशंकर अग्निहोत्री ने बताया कि विकास दुबे का अवैध शराब का काम था। पुलिस मुठभेड़ में मारा गया बदमाश अतुल दुबे इस काम को संभालता था। इसके साथ ही शिवराजपुर ब्लॉक के राशन कोटे का आवंटन भी विकास की मर्जी से ही होता था. राशन डीलर उसके हिसाब से काम करते थे। दयाशंकर अग्निहोत्री ने बताया कि अगर कोई कोटेदार आनाकानी करता तो विकास दुबे अपने रसूख से राशन डीलर का लाइसेंस निरस्त करवा देता था।
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की तलाश में पुलिस चप्पे-चप्पे को खंगाल रही है। उन्नाव टॉल प्लाजा पर विकास दुबे का पोस्टर लगाया गया है ताकि उसकी पहचान की जा सके।
पुलिस अब विकास और उसके परिवार वालों की संपत्ति का ब्योरा जुटा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक विकास की अधिकतर संपत्ति, घर, फ्लैट समेत अन्य जायदाद पत्नी के नाम है। ये संपत्ति कई करोड़ की है। पुलिस प्रशासन मिलकर इसका पूरा लेखाजोखा जुटा रहा है।
रिचा दुबे जिला पंचायत सदस्य है। कहा जा रहा है कि राजनीति में उसका दबदबा सिर्फ विकास के दम पर है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक वह विकास के अपराधों पर पर्दा डालती आई है। विकास कहां और किस घटना में शामिल है उसे पता रहता था। शक है कि राजनीति में आगे बढ़ने के लिए रिचा पति विकास का साथ देती थी। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि बिकरू वाले घर में लगे कैमरे रिचा ने अपने मोबाइल से कनेक्ट कर रखे हैं। यहां की हर गतिविधि पर वो लखनऊ से नजर रखती थी। जब भी पुलिस घर से पकड़ती वह फुटेज वायरल कर देती थी। पुलिस इन सभी तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है।