झारखंड के पूर्व DGP डीके पांडेय की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पूर्व पुलिस महानिदेशक पर उनकी बहू ने गंभीर केस दर्ज कराया है। डीके पांडेय पर दहेज के लिए अपनी बहू रेखा मिश्रा को प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। इस संबंध में सेक्शन 498ए और 406 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। आपको बता दें कि कानून की यह दोनों ही धाराएं काफी गंभीर हैं और इसमें सजा का प्रावधान है।

बहू ने लगाया यह आरोप: डीके पांडेय की बहू रेखा मिश्रा ने शनिवार (27-06-2020) की देर शाम रांची के कोतवाली नगर परिसर के पास स्थित महिला थाना पहुंच कर अपने ससुर डीके पांडेय, सास पूनम पांडेय और पति शुभंकर पांडेय के खिलाफ केस दर्ज कराया है। ‘दैनिक जागरण ‘ की रिपोर्ट के मुताबिक रेखा मिश्रा ने थाने में बताया है कि 3 साल पहले उनकी शादी शुभांकर पांडेय से हुई थी। शादी के बाद से ही उनके पति, सास और ससुर दहेज को लेकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। हद से ज्यादा प्रताड़ित किये जाने के बाद वो अपने मायके चली गईं।

हाईप्रोफाइल मामले की जांच शुरू: चूकि यह मामला पुलिस विभाग के एक बड़े रिटायर्ड अफसर से जुड़ा है लिहाजा पुलिस इस मामले में हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है। खबर है कि वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने महिला थाना प्रभारी को शिकायत की काॅपी के साथ बुलाया और आरोप की सत्यता को लेकर प्रारंभिक छानबीन शुरू कर दी है। ऐसी भी खबरें है कि इस मामले में जरुरत पड़ने पर पुलिस पूर्व डीजीपी से पूछताछ भी कर सकती है।

BJP नेता की बेटी हैं रेखा मिश्रा: कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि डीके पांडेय की बहू रेखा मिश्रा BJP नेता गणेश मिश्रा की बेटी हैं। रेखा मिश्रा एक स्वयंसेवी संस्थान से भी जुड़ी हुई हैं। बताया जाता है कि करीब 3 साल पहले रेखा की शुभांकर से शादी हुई थी लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद ही दोनों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे। डीके पांडेय जब सूबे के डीजीपी थे उसी दौरान उन्होंने बेटे की बड़े धूमधाम से शादी कराई थी। 15 फरवरी 2016 को शुभांकन और रेखा की शादी हुई थी।

नारी उत्थान को लेकर कमाया नाम: बिहार से अलग होकर झारखंड राज्य बनने के बाद डीके पांडेय का कार्यकाल यहां सबसे ज्यादा लंबा रहा। महिला प्रताड़ना के केस में फंसने वाले डीके पांडेय अपने कार्यकाल के दौरान नारी उत्थान को लेकर काफी चर्चा में रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान डीके पांडेय ने राज्य में शक्ति एप को प्रचारित किया, महिला कमांडो की तैनाती की, शक्ति मोबाइल की शुरुआत की। पुलिस की नौकरी में महिलाओं की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी हो, इसपर भी बल दिया। हर जगहों पर संबोधन में वे महिलाओं को प्राथमिकता देने पर जोर देते रहे। यहां तक कि राज्य के थानों में महिला मुंशी का प्रस्ताव भी पूर्व डीजीपी डीके पांडेय का ही था।

एनकाउंट और विवादित जमीन पर घर बना विवादों में भी रहे: पूर्व डीजीपी डीके पांडेय कई मामलों को लेकर विवाद में भी रहे हैं। पलामू के बकोरिया में साल 2015 में 12 लोगों को नक्सली बताकर मुठभेड़ में मार दिया गया था। बाद में आरोप लगे थे कि मरने वाले नक्सली नहीं थे और यह एनकाउंटर फर्जी था। इस कांड में भी उनपर संलिप्तता के आरोप लगे थे और सीबीआई ने उन्हें आरोपी भी बनाया था। इसी तरह रांची के कांके में पत्नी के नाम पर गैरमजरूआ जमीन की गलत तरीके से बंदोबस्ती करा उसपर घर बनाने को लेकर को लेकर भी डीके पांडेय विवादों में रहे।