आखिरी आतंकवादी मसूद को ढेर करने के बाद अब जम्मू कश्मीर का डोडा जिला पूरी तरह से आतंकवाद फ्री हो गया है। जम्मू कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह ने खुद इस बात की जानकारी दी है कि सोमवार (29-06-2020) को सुरक्षा बलों ने अनंतनाग जिले में 3 आतंकवादियों को ‘जहन्नुम’ भेज दिया। कुलचोहर (Khulchohar) इलाके में मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए-तैय्यबा के 3 आतंकी मारे गए हैं। इनमें एक संगठन का जिला कमांडर भी शामिल है।

डोडा जिला आतंकवाद फ्री: डीजीपी ने जानकारी दी है कि खूंखार आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन का एक कमांडर मसूद भी इस एनकाउंटर में मारा गया है। मसूद के मारे जाने के बाद अब डोडा जिला पूरी तरह से आतंकवाद फ्री जिला हो गया है। पुलिस ने मसूद के पास से कई हथियार बरामद किये हैं। इन तीनों आतंकियों के पास से AK-47 बरामद की गई है। इनके पास से 2 पिस्तौल भी मिले हैं।

रेप का आरोपी बन गया आतंकी: हिज्बुल मुजाहिद्दीन का कमांडर मसूद रेप के मामले में काफी पहले डोडा पुलिस के हत्थे चढ़ा था। लेकिन उस वक्त वो पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया था और बाद में उसने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन को ज्वॉइन कर लिया था। बताया जा रहा है कि मसूद डोडा जिले में एकमात्र जीवित बचा आतंकवादी था। उसके सफाये के बाद डोडा जिले में आतंकी खत्म हो गए।

जम्मू कश्मीर में दिन गिन रहे आतंकी: इससे पहले पुलिस और सुरक्षा बलों ने त्राल इलाके में भी अभियान चलाकर आतंकियों को सफाया किया और उसे भी आतंक फ्री बना दिया है। जाहिर है जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के दिन अब बस गिनती के रह गए हैं। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों ने इस साल आतंकियों पर ऐसा प्रहार किया है उनकी चूलें हिल गई हैं। जम्मू कश्मीर में इस साल जनवरी से लेकर अब तक मुठभेड़ में 116 आतंकवादी मारे जा चुके हैं।

इस दौरान हिज्बुल मुजाहिद्दीन सुरक्षाबलों का मुख्य निशाना बना रहा। सभी आतंकवादी संगठनों में से इसके सब से ज्यादा आतंकी मारे गए। इसमें शीर्ष कमांडरों में ऑपरेशनल कमांडर रियाज नाइकू भी शामिल है। हाल ही में पुलिस ने दावा किया था कि त्राल का इलाका अब हिज्ब मुक्त हो गया है जो 1989 से हिज्बुल मुजाहिद का केंद्र बना हुआ था।