आज बात एक ऐसे साहसी आईपीएस अधिकारी की जिन्हें ‘क्राइम कंट्रोल मास्टर’ के नाम से भी जाना जाता है। कई मामलों में अपराधियों का खात्मा कर चुके सुवेंद्र कुमार भगत अब तक 50 से भी ज्यादा एनकाउंटर कर चुके हैं. राष्ट्रपति के वीरता पदक से सम्मानित आईपीएस अधिकारी सुवेंद्र कुमार भगत को डिपार्टमेंट क्राइम कंट्रोलर मानती है। साल 1998 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी सुवेंद्र के नाम से अपराधी थर्र-थर्र कांपते हैं।
झारखंड में जन्में आईपीएस अधिकारी सुवेंद्र कुमार भगत ने वाराणसी में एएसपी के तौर पर तैनात होकर अपने करियर की शुरुआत की थी। वाराणसी में उन्होंने कई सालों तक अलग-अलग पदों पर सेवा दी। अपने सेवाकाल के दौरान सुवेंद्र कुमार भगत बुंदेलखंड, गोरखपुर, झांसी, आजमगढ़ और जौनपुर में भी पदस्थापित रहे। इसके अलावा सुवेंद्र कुमार भगत डीआईजी, सीबीआई के तौर पर भोपाल और रांची में भी सेवा दे चुके हैं। यूपी पुलिस के स्पेशल टास्क पुलिस फोर्स का चीफ का पद संभालते वक्त उन्होंने कई बड़े काम किये और कई एनकाउंटर भी किये। सुवेंद्र कुमार भगत के पिता डीएन भगत एक सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं।
साल 2006 में यूपी कांग्रेस के नेता लव भार्गव की पत्नी मेहर भार्गव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड ने मीडिया में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। साल 2006 के फरवरी महीने में लखनऊ के बाहरी इलाके दालीपुर टावर्स के पास मेहर भार्गव को गोली मारी गई थी। इस मर्डर का मुख्य आरोपी सचिन पहाड़ी था। आरोपी के नाम के खुलासे के बाद यूपी पुलिस ने उसे पकड़ने की काफी कोशिश की। इसी साल मई में यूपी एसटीएफ को सचिन पहाड़ी के लखनऊ में होने की सूचना मिली।
उस वक्त बहादुर आईपीएस अधिकारी सुवेंद्र कुमार भगत ने मोर्चा संभाला। उनके नेतृत्व में एसटीएफ ने जाल बिछाकर सचिन पहाड़ी को घेरा और फिर साहसी सुवेंद्र कुमार भगत ने मुठभेड़ में सचिन पहाड़ी को ढेर कर दिया। उसके साथ उसका एक साथी विकाश भी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया।
सुवेंद्र कुमार भगत को सिर्फ एनकाउंटर के लिए ही नहीं बल्कि अपराधियों की जानकारी सार्वजनिक करने के लिए भी जाना जाता है। साल 2017 में यूपी में आईजी (अपराध) रहते हुए सुवेंद्र कुमार भगत ने कई ऐसे बदमाशों के नाम, पते और फोटो सार्वजनिक किये पुलिस के डर से छिपे हुए थे। सोशल मिडिया के साथ ही प्रचार प्रसार के अन्य माध्यम से लोगों तक इन बदमाशों की जानकारी पहुंचाई गई।
