गुजरात पुलिस ने 2 जैन मुनियों को महिला के साथ गंदा काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक 85 साल के कल्याण सागरजी महाराज और 50 साल के राजतिलक सागरजी महाराज सबरकांठा के पावापुरी जैन तीर्थधाम से जुड़े हुए हैं। इन दोनों को रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

आश्रम के अंदर गंदा काम: पुलिस का कहना है कि इस मामले में पीड़िता ने 25 जून को अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि 8 साल पहले आश्रम के अंदर दो मुनियों ने उसके साथ घिनौना काम किया था। इससे पहले 22 जून को इन दोनों मुनियों पर पवित्र पूजा स्थल को अपनी करतूतों से गंदा करने के मामले में एक अन्य एफआईआर दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक दोनों को दूसरे एफआईआर के आधार पर गिरफ्तार किया गया है जबकि पहले एफआईआर में दर्ज कराई गई शिकायतों को लेकर जांच जारी है।

मुनियों का हुआ कोविड-19 टेस्ट: इस मामले में पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ अब भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह भी जानकारी दी है कि दोनों को शनिवार को ही हिरासत में ले लिया गया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक पहले दोनों का कोविड-19 टेस्ट कराया गया और फिर रिपोर्ट आने के बाद रविवार को उन्हें गिरफ्तार किया गया।

तंत्रमंत्र की आड़ में बनाए संबंध: पुलिस के मुताबिक इसी साल 3 जनवरी को पावापुरी जैन तीर्थधाम ट्रस्ट के सदस्यों को एक वीडियो मिला जिसमें यह दोनों मुनि महिला के साथ गंदी हरकत करते नजर आए थे। बताया जा रहा है कि सूरत की रहने वाली यह महिला अपने पति के साथ यहां आई थीं। वीडियो के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। महिला ने आरोप लगाया है कि तंत्र-मंत्र की आड़ में इन दोनों ने उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

हालांकि वीडियो में नजर आ रही महिला ने फरवरी में कहा था कि वो दोनों  के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं कराना चाहती हैं। लेकिन 22 जून को वीडियो देखने के बाद ट्रस्ट के एक सदस्य ने पूजा स्थल को गंदा करने का आरोप लगाते हुए दोनों मुनियों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसपर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने 22 जून को भारतीय दंड संहिता की धारा 295, 506 और 504 के तहत केस दर्ज कर लिया था।