भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता पर एक महिला ने उनके साथ कई सालों से रेप करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि भाजपा के पूर्व MLA नरेंद्र मेहता साल 1999 से ही उनके साथ बलात्कार कर रहे हैं। महिला का यह भी कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
इस मामले में पू्र्व बीजेपी एमएलए नरेंद्र मेहता के खिलाफ शुक्रवार को थाणे जिले में केस दर्ज किया गया है। जिला इस मामले में संजय तरकार नाम के एक युवक पर भी केस दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि संजय तरकार ने हाल ही में बीजेपी से इस्तीफा दिया है। बताया जा रहा है कि केस दर्ज होने के बाद से दोनों ही आरोपी फरार हैं।
दरअसल कुछ ही दिनों पहले एक कथित अश्लील वीडियो वायरल हुआ था। दावा किया जा रहा था कि इस वीडियो में नरेंद्र मेहता किसी महिला के साथ बिना कपड़ों के नजर आ रहे हैं। पीड़ित महिला का आरोप है कि यह वीडियो उसने ही स्टिंग के तौर पर बनाया था ताकि नरेंद्र मेहता की कारस्तानी को उजागर किया जा सका।
इसके बाद इस महिला ने आईजी ऑफिस के बाहर से एक भावनात्मक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया है। इस वीडियो में पीड़िता का दावा है कि उन्होंने ही यह स्टिंग कराया था ताकि मेहता के अनैतिक कार्यों से पर्दा उठ सके। महिला का दावा है कि उन्होंने एक साल पहले एसपी से इसकी शिकायत की थी और वीडियो क्लिप पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी थी। उन्हीं में से किसी ने इसे वायरल किया होगा।
पीड़िता का आऱोप है कि उनके साथ यह सब साल 1999 से ही हो रहा है और पूर्व भाजपा एमएलए उनके परिवार के सदस्यों को धमकी भी देते हैं।
इस मामले में मेहता और तरकार पर धारा 376 (दुष्कर्म) समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि भाजपा के पूर्व विधायक पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला कॉरपोरेटर हैं। बहरहाल इस मामले में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने इसकी तफ्तीश शुरू कर दी है।
आपको बता दें कि पिछले कुछ सालों में बीजेपी के कई नेताओं पर महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कुलदीप सिंह सेंगर, स्वामी चिन्मयानंद समेत कई नेताओं पर दुष्कर्म के आरोप लग चुके हैं। रेप के आरोप लगने के बाद बीजेपी ने कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निकाल दिया था।
हाल ही में कुलदीप सिंह सेंगर की विधानसभा सदस्यता भी खत्म हो गई है। वहीं स्वामी चिन्मयानंद भी इसी महीने जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा हुए हैं। इस मामले में लॉ की पीड़िता छात्रा ने अब अपनी जान का खतरा बताते हुए इस मामले को लखनऊ से दिल्ली ट्रांसफर किये जाने की एक याचिका भी अदालत में लगाई है।
