Delhi Violence, Delhi Protest: 3 दिनों तक दिल्ली हिंसा की आग में जलती रही और धुआं चौबीसों घंटे उठता रहा। मुट्ठी भर लोगों ने दिल्ली में बारूद सुलगाई और रह-रह कर उसे हवा देते रहे। लेकिन दिल्ली को जलाने की साजिश को कुछ लोगों ने अपनी हिम्मत और सोच से परास्त भी किया। इन्हीं हिम्मतवालों की फेहरिस्त में एक नाम हैं प्रेमकांत बघेल। हिंदू-मुस्लिम की एकता बनी रहे इसके लिए प्रेमकांत खुद 70 फीसदी तक झुलस गए लेकिन मुसलमान के एक परिवार के सदस्यों को आंच तक नहीं आने दिया।

प्रेमकांत दिल्ली के शिव विहार इलाके में रहते हैं। एक अरसा हो गया है और तब ही से शिव विहार इलाके में हिंदू और मुसलमान अद्भुत भाईचारे के साथ रहते आ रहे हैं। हिंसा के दौरान प्रेमकांत के एक मुस्लिम पड़ोसी के घर किसी इंसान रुपी दानव ने आग लगा दी। उस वक्त प्रेमकांत अपने घर में थे और जैसे ही पड़ोसी के घर आग लगाए जाए की खबर उन्हें मिली वो व्याकुल हो उठे।

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अपने पड़ोसी मुस्लिम भाई को बचाने के लिए प्रेमकांत बघेल आग के बवंडर में कूद पड़े। प्रेमकांत बघेल ने धधकती आग का सामना करते हुए मुस्लिम परिवार के 6 सदस्यों को घर से निकाल दिया। लेकिन उनके जिगरी दोस्त की मां आखिर में अकेले आग के बवंडरों के बीच घिर गई थीं। दोस्त की मां को बचाने के लिए प्रेमकांत ने अपनी भी जान की परवाह नहीं की और धधकते घर में दोबारा दाखिल हो गए। प्रेमकांत ने दिलेरी के साथ बुजुर्ग महिला को तो बचा लिया लेकिन खुद 70 फीसदी तक झुलस गए।

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हिम्मत और सद्भावना की मिसाल पेश करने वाले प्रेमकांत आग से झुलस कर बेहोश हो गए। हैरानी की बात है कि इंसानियत को बचाने में झुलसे प्रेमकांत को बचाने के लिए किसी ने अपनी गाड़ी नहीं दी ताकि उन्हें अस्पताल तक ले जाया जा सके। शिव विहार, मुस्तफाबाद और खुरेजी का इलाका उस वक्त हिंसा से जल रहा था लिहाजा एंबुलेंस भी देर से ही आई। रात भर प्रेमकांत घर में ही तड़पते रहे और सुबह उन्हें जीटीबी अस्पताल किसी तरह ले जाया जा सका।

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अब प्रेमकांत बघेल की यह कहानी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के मिसाल बन गई है। प्रेमकांत बघेल सोशल मीडिया पर भी छा गए हैं। लोग उनकी तस्वीरें शेयर कर रहे हैं और उन्हें रियल हीरो बता रहे हैं।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने अस्पताल में जाकर प्रेमकांत से मुलाकात की है और उनकी जमकर तारीफ भी की है।

इतना ही नहीं उनकी इंसानियत से रुबरु होने के बाद कई लोग अस्पताल जाकर उनसे मिल रहे हैं और उनकी हर संभव मदद करने के लिए भी आगे आ रहे हैं।