Coronavirus (COVID-19), Delhi Speaker Defrauded For Plasma Therapy: दिल्ली में कोरोना ने जमकर कहर बरपाया है। कोरोना के प्रकोप के बीच दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष राम निवास गोयल से प्लाजमा डोनेशन के नाम फर्जीवाड़ा हुआ है। गंभीर बात यह भी है कि दिल्ली के स्पीकर को ठगने वाले ने खुद को राम मनोहर लोहिया अस्पताल का चिकित्सक बताया था। अब खुलासा हुआ है कि यह आरोपी अपना नाम और धर्म बदल-बदल कर लोगों से ठगी किया करता है।
Paytm के जरिए मांगे पैसे: विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ठग ने दिल्ली विधानसभा के स्पीकर रामनिवास गोयल को फोन कर बताया कि वो राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कार्यरत है। इस ठग ने स्पीकर से ब्लड डोनेशन के नाम पर पैसे मांगे और यह रकम Paytm के जरिए उसे प्राप्त हुआ। जल्दी ही स्पीकर को पता चला कि ब्लड डोनेशन के नाम पर उन्हें किसी ने चूना लगाया है। जिसके बाद उन्होंने 20 जून को इस मामले में थाने में केस दर्ज करवाया।
धर्म बदलकर करता था ठगी: इस मामले की जांच नॉर्थ जिला पुलिस की टीम कर रही थी। अपनी तकनीकी टीम और अन्य सूचनाओं के दम पर पुलिस जल्दी ही प्रह्लादपुर इलाके में रह रहे एक शख्स के पास पहुंच गई। पता चला कि इस शख्स का नााम अब्दुल करीम उर्फ राहुल ठाकुर था और यह धर्म तथा नाम बदल-बदल कर ठगी का धंधा चलाया करता था।
गैंग का सरगना गिरफ्त से दूर: पकड़े गए शख्स से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उसी ने रामनिवास गोयल के साथ फर्जीवाड़ा किया है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले इस शख्स से यह भी जानकारी मिली है कि वो इस धंधे में अकेला नहीं बल्कि उसका एक गैंग है। गैंग के सरगना का नाम अकबर बताया जा रहा है और अभी वो पुलिस की पहुंच से दूर है।
मामूली रकम क्यों ठगते थे? जांच जारी: पुलिसिया तफ्तीश में यह बात भी सामने आई है कि इस गैंग के सदस्य लोगों से मामूली रकम ठगते थे। लेकिन मामूली रकम लेने के पीछे क्या मकसद था? इस गैंग ने कितने लोगों को ठगा? गैंग में कितने सदस्य हैं? पुलिस अभई ऐसे कई सवालों के जवाब तलाश रही है।
आपको बता दें कि कोरोना से संक्रमित कई लोगों का इलाज प्लाजमा थेरेपी के जरिए किया जाता है। इसमें वैसे लोगों के ब्लड का इस्तेमाल किया जाता है तो कोरोना से जंग जीत कर पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।
