कोरोना अस्पताल में बिल नहीं चुकाने पर मरीज और उनके परिजनों को बंधक बनाकर कैद करने का मामला सामने आया है। इस मामले में डॉक्टर, मैनेजिंग एडिटर समेत 5 लोगों पर FIR दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि पटना के पूर्वी इंदिरानगर के जेडीएम अस्पताल में एक कोरोना मरीज का इलाज चल रहा था। अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के परिजनों को 6 लाख 34 हजार 200 रुपए के बिल का भुगतान करने के लिए कहा।
आरोप है कि इलाज के दौरान कुछ दिनों पहले अस्पताल ने मरीज के परिजनों को कच्चा बिल बनाकर दिया था। जब इन लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से इस संबंध में पक्का बिल देने के लिए कहा तो प्रबंधन नाराज हो गया। इस बात पर अस्पताल प्रशासन और मरीज के परिजनों के बीच कहासुनी हो गई। पक्का बिल नहीं मिलने पर मरीज के परिजनों ने बिल का भुगतान करने से इनकार कर दिया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मरीज और उनके परिजनों को अस्पताल में ही बंदी बना लिया। यहां काफी देर तक हंगामा भी हुआ।
बाद में इस मामले में पीड़ित पक्ष ने थाने में अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई। मंगलवार (18-08-2020) को पुलिस ने इस मामले में जांच के बाद शिकायत को सही पाते हुए अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर, डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन समेत 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। अस्पताल प्रबंधन पर पीड़ित पक्ष ने मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आऱोप भी लगाया था।
जांच के बाद प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। डीएम के आदेश के बाद अनुमंडल पदाधिकारी सदर ने इस मामले में जांच के दौरान मरीज और उनके परिजनों से भी पूछताछ की थी। जांच रिपोर्ट मिलने पर डीएम ने अस्पताल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं तथा महामारी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।
इस मामले में पटना के कंकड़बाग थाने में आईपीसी की धारा 341, 342, 406, 420, 120 (बी), 34 तथा महारामारी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

