बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में सीएम नीतीश कुमार तथा मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी समेत 14 लोगों पर केस दर्ज हुआ है। सिविल कोर्ट के वकील जयचंद्र प्रसाद साहनी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि चाकी सोहगपुर के मतदाता सूची में दूसरे पंचायत के लोगों के नाम जोड़े जाने को लेकर यह केस दर्ज किया गया है। आरोप लगाया है कि पंचायत चुनाव जीतने के लिए मतदाता सूची में यह गड़बड़ी की गई है।

आपको बता दें कि बिहार पंचायत चुनाव के लिए तैयार मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कड़ा प्रावधान किया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि अंतिम सूची प्रकाशित करते समय सभी बीडीओ को यह लिखित प्रमाण देना होगा कि प्रकाशित मतदाता सूची सही है। आयोग के इस कड़े कदम के बाद मतदाता सूची तैयार करने वाली कार्य एजेंसी से लेकर अधिकारियों तक में हड़कंप है।

राज्य में नीतीश कुमार के सीएम बनने के बाद कई बार उनपर गंभीर आरोप लगे। हाल ही में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि बिहार में कागजों पर 2 करोड़ से अधिक कोरोना टेस्ट हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि कोरोना को लेकर हुए टेस्ट में बड़े पैमाने पर धांधली की गई है।

मंगलवार को बिहार विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हो रही चर्चा के दौरान भी तेजस्वी यादव ने राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर नीतीश सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि ‘लालू राबड़ी सरकार से तुलना करें तो नीतीश कुमार के राज में बिहार में अपराध 101 फीसदी बढ़ गया।’ रोजगार के मुद्दे पर सरकार को निशाने पर लेते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा था कि ‘सरकार कहती है कि 20 लाख रोजगार देगी, मगर बिहार में उद्योगों के लगने के बिना यह कैसे संभव होगा? इसके बारे में कोई कुछ क्यों नहीं बोलता?’