कुख्यात बदमाशों द्वारा पुलिस पर हमला किये जाने की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं। पिछले ही साल उत्तर प्रदेश के बिकरू कांड ने देश को हिला कर रख दिया था। आज हम बताने जा रहे हैं एक और ऐसे ही कांड की जिसे लेकर एक वक्त बिहार में काफी हंगामा मचा था। घटना साल 2020 की है। उस वक्त बिहार के भागलपुर में बदमाशों को पकड़ने गए एक ट्रेनी आईपीएस पर बम से हमला कर दिया गया था।
दरअसल उस वक्त जिले के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष भारती को जानकारी मिली थी कि कुख्यात अपराधी दिव्यांशु झा के घर पर अवैध रूप से मिनीगन फैक्ट्री संचालित की जा रही है। इस फैक्ट्री पर छापेमारी करने और कुख्यात दिव्यांशु झा को पकड़ने के लिए उस वक्त एसएसपी ने एक टीम का गठन किया था। इस टीम का नेतृत्व ट्रेनी आईपीएस अधिकारी भरत सोनी कर रहे थे। इस टीम में कहलगांव के एसडीपीओ रेशु कृष्णा के अलावा आधा दर्जन से ज्यादा दारोगा और इंस्पेक्टर शामिल थे।
योजना के मुताबिक ट्रेनी आईपीएस के नेतृत्व में यह टीम नवंबर के महीने में कुख्यात अपराधी को दबोचने के लिए पहुंची थी। वहां पहुंचते ही पुलिस टीम पर अपराधियों ने हमला कर दिया। ट्रेनी आईपीएस भरत सोनी पर अचानक अपराधियों ने बम से हमला किया। इस हमले में भरत सोनी किसी तरह बाल-बाल बच गए। लेकिन इस अधिकारी ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी टीम के साथ मोर्चा संभाल कर रखा। इस दौरान कुछ अन्य पुलिसकर्मी पर अपराधियों के हमले में घायल हुए।
ट्रेनी आईपीएस अधिकारी अपराधियों के खिलाफ लगातार छापेमारी करते रहे। नतीजा यह हुआ है कि पुलिसवालों की हिम्मत देख अपराधियों के हौसले पस्त हो गए। जल्दी ही पुलिस ने कुख्यात अपराधी दिव्यांशु झा को दबोच लिया। पुलिस ने इसके पास से 4 पिस्टल, 11 गोली समेत कई अन्य हथियार भी बरामद किये।
उस वक्त पता चला था कि कुख्यात दिव्यांशु झा पर कई केस पहले से दर्ज थे। वो कई बार पुलिस के हत्थे भी चढ़ चुका था लेकिन वो पुलिस को चकमा देने में कामयाब भी हो गया था। लेकिन इस बार बहादुर पुलिसवालों ने इस दबोच लिया था। उस वक्त इस साहसी कारनामे को अंजाम देने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किये जाने की बात भी कही गई थी।

