शराबबंदी वाले राज्य बिहार में शराब की अब तक की सबसे बड़ी खेप बरामद की गई है। पटना सिटी इलाके में 9 ट्रक शराब मिलने के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि शराब की पेटियों से भरी यह ट्रकें एक गोदाम में खड़ी थीं जिसे पुलिस ने पकड़ा है। इन ट्रकों में लाए गए शराब को गिनने में पुलिस के पसीने छूट गए। जब्त किये गये शराब की कीमत 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। उत्पाद विभाग इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मान रहा है। बताया जा रहा है कि इन ट्रकों में 5 हजार शराब की पेटियां थीं। इतनी भारा मात्रा में राजधानी में शराब मिलने के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
बिहार पुलिस के डीजीपी एसके सिंघल ने बाईपास थाना प्रभारी मुकेश पासवान और चौकीदार लल्लू पासवान को फिलहाल इस मामले में निलंबित कर दिया है। पटना सिटी में शराब की इतनी बड़ी खेप पहुंची कैसे? कैसे रची गई यह पूरी साजिश और कौन-कौन से लोग इसमें शामिल हैं? इन सभी सवालों समेत कई अन्य सवालों से पर्दा उठाने की कोशिश में प्रशासन अब जुट गया है। डीएसपी पटना सिटी अमित शरण को इस पूरे मामले की जांच सौंपी गई है।
इस संबंध में बिहार पुलिस मुख्यालय के मद्य निषेध प्रभाग ने पत्र जारी कर कहा कि रविवार को उत्पाद विभाग बिहार द्वारा पटना जिला के पटनासिटी अनुमण्डल अन्तर्गत बाईपास थाना से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित गोदाम से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब और कई वाहन जब्त किये गये हैं। बताया जा रहा है कि रविवार की रात उत्पाद विभाग की टीम ने बाईपास थाने के मरचा-मरची गांव स्थित एक गोदाम में छापेमारी की। गुप्त सूचना के आधार पर विभाग ने यह कार्रवाई की थी। इस दौरान टीम ने गोदाम में काम करने वाले 7 मजदूरों को हिरासत में लिया। यह सभी मजदूर बिहार से बाहर के राज्यों के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने शराब की तस्करी के मामले में जमीन मालिक को भी गिरफ्तार किया है जिसकी जमीन पर गोदाम बना था और शराब रखी जा रही थी। उसके घर से 4 लाख रुपये कैश और शराब की दो बोतलें भी बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक अवैध शराब की तस्करी करने वाला मुख्य आरोपी दूसरे राज्य का है। कहा जा रहा है कि जिस जगह से शराब पकड़ी गई है वो रामेंद्र शर्मा नाम के शख्स ने किराए पर ली थी जो उत्तर प्रदेश के आगरा का रहने वाला है। फिलहाल अब इस पूरे मामले की जांच अलग-अलग एंगल से की जा रही है।

