भारतीय रिजर्व बैंक ने नियमों का पालन न करने पर देश के विभिन्न राज्यों में स्थित को-ऑपरेटिव बैंकों पर 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इन को-ऑपरेटिव बैंकों में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, गुजरात, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बैंक शामिल है। आरबीआई ने सबसे अधिक 4 लाख रुपए का जुर्माना नबापल्ली को-ऑपरेटिव बैंक ( पश्चिम बंगाल) पर प्रूडेंशियल इंटर बैंक एक्सपोजर लिमिट और प्रूडेंशियल इंटर बैंक काउंटरपार्टी लिमिट का पालन न करने को लेकर लगाया है।

इसके साथ फैज मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक (नासिक) पर डायरेक्टर के रिश्तेदार को लोन देने को लेकर आरबीआई की तरफ से 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

इन बैंकों पर लगा एक लाख जुर्माना: आरबीआई ने नियमों का पालन न करने को लेकर मध्य प्रदेश के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, महाराष्ट्र के अमरावती को-ऑपरेटिव बैंक, मणिपुर के मणिपुर वूमेन को को-ऑपरेटिव बैंक, उत्तर प्रदेश के यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक, हरियाणा के भगत को-ऑपरेटिव बैंक और गुजरात के नवनिर्माण को-ऑपरेटिव पर जुर्माना लगाया लगाया है।

इन कारणों से लगा जुर्माना: केंद्रीय बैंक के द्वारा इन को-ऑपरेटिव बैंकों में कई तरह की वित्तीय अनियमितता बरतने के लिए लगाया गया है। जानकारी के मुताबिक कुछ बैंकों पर जुर्माना दावा न किए गए जमा पैसों को डिपोजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड में न जमा करने, बैंक में हुए घोटाले को देरी से बताने और असुरक्षित लोन वितरण को लेकर लगाया गया।

फरवरी में इन बैंकों पर लगाया जुर्माना :इससे पहले भी आरबीआई के द्वारा फरवरी में तमिलनाडु दो और जम्मू कश्मीर के एक को-ऑपरेटिव बैंक पर वित्तीय अनियमितता बरतने के लिए जुर्माना लगा चुका है। इसमें तमिलनाडु के कांचीपुरम में मौजूद द बिग कांचीपुरम को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड और चन्नेई स्थित चन्नेई सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड शामिल है जबकि तीसरा नाम जम्मू कश्मीर के बारामूला स्थित बारामूला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक का है।

द बिग कांचीपुरम को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड और बारामूला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक पर दो- दो लाख रुपए का और तीसरे चन्नेई सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर एक लाख रुपए जुर्माना लगाया गया था।