भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ समय में आए उतार-चढ़ाव के कारण कई निवेशक निवेश के सुरक्षित विकल्प तलाशने लगे हैं। आम जनता के बीच सरकारी गारंटी वाले निवेश सबसे सुरक्षित माने जाते हैं। ऐसे में सभी के मन में यह जिज्ञासा होती है कि किस सरकारी निवेश योजना में सामान्य नागरिकों को सबसे ज्यादा रिटर्न मिलता है। विशेष योजनाओं को छोड़ दें तो सामान्य नागरिकों को सर्वाधिक 7.7 प्रतिशत ब्याज देने वाली योजना है नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC)।

सरकारी निवेश योजनाओं में सर्वाधिक ब्याज कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर दिया जाता है। 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए चलने वाली योजना सीनियर सीटिजन सेविंग स्कीम पर भी 8.2% ब्याज मिलता है मगर 18 से अधिक और 60 वर्ष से कम उम्र वाले नागरिकों को ये विकल्प नहीं मिलते हैं। ईपीएफ का विकल्प उनके लिए है जो संगठित क्षेत्र के रोजगार में हैं। सुकन्या समृद्धि योजना केवल बच्चियों के लिए है। जो लोग इन सरकारी निवेश योजनाओं का लाभ पाने के पात्र नहीं हैं उनके लिए एनएससी सर्वोत्तम विकल्प हो सकता है।

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नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) क्या है?

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) भारत सरकार की एक बचत योजना है। इस योजना को 8 मई, 1989 को शुरू किया गया था। यह स्कीम छोटे और मध्यम निवेशकों को 5 वर्ष की लॉक-इन अवधि के साथ गारंटीड रिटर्न देती है साथ ही इस योजना में धारा 80सी के तहत टैक्स से छूट भी मिलती है। यह योजना भारतीय डाकघरों के माध्यम से उपलब्ध है।

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नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट में निवेश करने के लिए पात्रता

– व्यक्ति को भारत का नागरिक होना चाहिए।
– व्यक्तिगत और ज्यादा खाता – कोई भी व्यक्ति अपने लिए या किसी नाबालिग/विक्षिप्त व्यक्ति की ओर से अभिभावक के रूप में निवेश कर सकता है या तीन वयस्क मिलकर संयुक्त खाता खोल सकते हैं।

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट में निवेश की सीमा

  • – इस योजना में न्यूनतम 1000 रुपये निवेश कर सकते हैं।
  • – योजना में अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है।
  • – जमा राशि पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत कटौती का लाभ मिलता है।

किन मामलों में नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट को मैच्योरिटी से पहले बंद किया जा सकता है?

– एकल खाते में या ज्वाइंट खाते के किसी भी/सभी खाताधारकों की मृत्यु होने पर।
– किसी न्यायालय द्वारा यदि समय से पहले बंद करने का आदेश दिया जाता है।

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट को मैच्योरिटी से पहले बंद करने पर ब्याज और जुर्माने का नियम

– एक साल के अंदर बंद करने पर कोई ब्याज नहीं मिलता है, सिर्फ मूल राशि वापस मिलती है।
– अगर अकाउंट 1 साल पूरा होने के बाद लेकिन 3 साल से पहले बंद किया जाता है, तो जितने पूरे महीने अकाउंट चला है, उतने महीनों के लिए पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट की लागू ब्याज दर से प्रिंसिपल पर ब्याज मिलेगा।
– अगर अकाउंट 3 साल पूरे होने के बाद बंद किया जाता है, तो 1000 रुपये के डिपॉजिट पर तय ब्याज और बाकी रकम पर उसी के अनुपात (प्रोपोर्शनल) से ब्याज दिया जाएगा।

कितने समय में मैच्योर होती है स्कीम?

– जमा राशि जमा करने की तारीख से 5 वर्ष पूरे होने पर मैच्योर हो जाएगी।
– इस प्रमाणपत्र के धारकों को प्रत्येक वर्ष के अंत में ब्याज प्राप्त होगा।
– चौथे वर्ष के अंत तक प्रत्येक वर्ष के अंत में प्राप्त ब्याज को धारक की ओर से पुनर्निवेशित माना जाएगा और प्रमाणपत्र के अंकित मूल्य में जोड़ दिया जाएगा।

पांच लाख के निवेश में पांच साल में कितना होगा मुनाफा?

– वन टाइम डिपॉजिट : 5 लाख रुपये।
– ब्याज दर: 7.7 फीसदी सालाना कंपाउंडेड।
– टेन्योर: 5 वर्ष।
– मैच्‍योरिटी पर अमाउंट: 7,24,517 रुपये।
– ब्याज का फायदा: 2,24,517 रुपये।

10 लाख के निवेश में पांच साल में कितना होगा मुनाफा?

  • – वन टाइम डिपॉजिट : 10 लाख रुपये।
    – ब्याज दर: 7.7 फीसदी सालाना कंपाउंडेड।
    – टेन्योर: 5 वर्ष।
    – मैच्‍योरिटी पर अमाउंट: 14,49,034 रुपये।
    – ब्याज का फायदा: 4,49,034 रुपये।