मानसून की बारिश के साथ ही देश के अधिकांश बांधों में पानी की आवक बढ़ गई है।
भारतीय संस्कृति में आदिकाल से ही नदियों का विशेष महत्त्व रहा है।
विक्रम संवत पंचांग के अनुसार पवित्र माघ माह 11वां मास हिंदू धर्म में माना जाता है।
नदियों के जरिए ही प्रतिवर्ष करीब सत्ताईस लाख मीट्रिक टन प्लास्टिक कचरा समुद्रों में पहुंचता है और इनमें शहरी क्षेत्रों…
पंच पर्व महोत्सव दिवाली के बाद प्रतिवर्ष प्रकृति की पूजा का महापर्व छठ मनाया जाता है।
गोकुल महावन यमुना तट स्थित कृष्णकालीन चिंताहरण शिवालय एक प्रसिद्ध तीर्थाटन है।
सरकारी तंत्र की अपनी विवशताएं और खामियां होती हैं। छोटी नदियों को बचाने के लिए सरकारी योजनाओं से अधिक आवश्यक…
यूपी से सटे बिहार के सारण जिले में लाशों को एंबुलेंस से लाकर जयप्रभा पुल से घाघरा नदी में फेंकी…
विगत कुछ सालों में मौसम परिवर्तन के कारण वर्षा की अनियमित स्थिति, कम वर्षा आदि को देखते हुए उद्योगों को…
नदियों का संकट में होना आमजन के लिए भी संकट का कारण बन सकता है। सन 1951 में हमारे यहां…
नदियों के जल प्रवाह और उनके जीवन की रक्षा के लिए समाज से लेकर सरकारों के स्तर पर जो उपेक्षा…
असम के डिब्रूगढ़ जिले के नहरकटिया के सासोनी गांव के पास दिघोलीबिल क्षेत्र में बुरही दिहिंग नदी में अचानक आग…