kerala administrative corruption case
संपादकीय: BMW कार और AC रखने वालों को नहीं आती शर्म, गरीब तबके का मार रहे हक

केरल के बारे में सामान्य धारणा यही है कि वहां तंत्र के स्तर पर भ्रष्टाचार के उदाहरण कम मिलते हैं…

Economy Growth rate
संपादकीय: त्योहारी मौसम के बाद भी अर्थव्यवस्था की रफ्तार सुस्त, आंकड़े निराशाजनक

अर्थव्यवस्था में मजबूती के लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अन्य पहलुओं पर भी संतुलन साधने की जरूरत होती है। निर्यात…

जनसत्ता ब्लॉग, Jansatta Blog
Blog: डिजिटल क्रांति के दौर में क्यों दब रही है महिलाओं की आवाज? सिर्फ नारे नहीं, सरकार की योजनाओं पर भी सवाल

भारत में इंटरनेट, मोबाइल फोन की पहुंच और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच में सुधार महत्त्वपूर्ण है, लेकिन यह भी आवश्यक…

Jansatta Dunia Mere Aage, jansatta Epaper
दुनिया मेरे आगे: दौलत और दिखावे की दौड़ में हाशिये पर संवेदनशीलता, क्या हम असल में रह गए हैं इंसान

कई अभिभावक अपने किशोर होते बच्चे से यह कहते हुए मिल जाते हैं कि बेटा तुम किसी पर भरोसा न…

Jansatta Editorial, jansatta Epaper
संपादकीय: महाराष्ट्र में सरकार गठन में देरी से बिगड़ रहा सत्ता का समीकरण, गठबंधन में असमंजस की स्थिति से लग रहीं अटकलें

पिछली सरकार में काफी उथल-पुथल बनी रही। तब शिवसेना के साथ मिल कर भाजपा ने चुनाव लड़ा था, मगर चुनाव…

जनसत्ता- संपादकीय
संपादकीय: प्रदूषण की आग से घुट रहीं विकासशील देशों की सांसें, इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार?

ऐसी समस्या से निपटने के लिए विकसित देशों की ओर से विकासशील देशों को आर्थिक और तकनीकी मदद उपलब्ध कराने…

Jansatta Dunia Mere Aage, jansatta Epaper
दुनिया मेरे आगे: सिमटती संवेदनाएं और संबंधों के बदलते मायने, जब रिश्ते दूर हों, तो खुद से करें दोस्ती

आदर्श स्थिति यह है कि हमारे दुख के पलों में हमारे दोस्त हमें कमजोर न महसूस होने दें, लेकिन खुद…

जनसत्ता- संपादकीय
संपादकीय: दिल्ली में असुरक्षा का माहौल और पुलिस के दावों पर सवाल, कब सुधरेगी राजधानी की कानून-व्यवस्था?

दिल्ली के जिस प्रशांत विहार इलाके में गुरुवार को धमाका हुआ, उसी क्षेत्र में पिछले महीने एक स्कूल के बाहर…

जनसत्ता-ब्लॉग, Jansatta Blog
Blog: मुकदमों के बोझ तले दबती भारतीय न्यायिक व्यवस्था, न्याय में देरी से खड़े हो रहे हैं अनगिनत सवाल, समझिए वजह

जब इंसाफ समय पर न मिले, तो अनगिनत सवाल खड़े होते हैं। पीड़ित और अभियुक्त दोनों ही इस धीमी प्रक्रिया…

जनसत्ता- संपादकीय
संपादकीय: ईवीएम और मतपत्र को लेकर जारी विरोधाभास से क्या लोकतंत्र में कायम रहेगा भरोसा?

भारतीय लोकतंत्र इस बात का साक्षी रहा है कि हमेशा लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग सूझबूूझ और विवेक के…

Jansatta Editorial, jansatta Epaper
संपादकीय: जलवायु संकट ने दी दस्तक, हिमनदों और झीलों का हो रहा विस्तार, क्या हम अगली त्रासदी के लिए तैयार हैं?

केंद्रीय जल आयोग की रपट को संज्ञान में लेते हुए राष्ट्रीय हरित पंचाट का केंद्र सरकार को नोटिस सजग करने…

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