विभिन्न घरेलू और वैश्विक कारकों के कारण अमेरिकी डालर के मुकाबले भारतीय रुपए में लगभग सात फीसद की गिरावट आई…
अफगानिस्तान से वापसी से मध्यपूर्व में अमेरिका की साख को गहरा धक्का लगा है। फिर रूस-यूक्रेन संघर्ष और रूसी राष्ट्रपति…
रूस-यूक्रेन संघर्ष, गैसोलीन और डीजल की बढ़ती कीमतें तथा वैश्विक मुद्रास्फीति सभी गिरावट में योगदान दे रहे हैं।
अगर ध्यान से देखें तो लगता है कि यूपी की योगी सरकार को केवल सरकारी अधिकारी अपनी इच्छा और सुविधानुसार…
भारत का व्यापार घाटा 191 बिलियन डालर रहा जो दुर्भाग्यवश पिछले वर्ष 2020-21 से दोगुना है।
इस वक्त सिर्फ हमारे देश में ही महंगाई नहीं है, बल्कि इसकी चपेट में दुनिया के कई देश हैं।
गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान में भारी बारिश ने जिंदगियां अस्त-व्यस्त कर दी हैं।
निस्वार्थ और योग्य लोगों को समाज में जो सम्मान मिलना चाहिए, उन्हें यथोचित सम्मान प्रदान किया गया।
आज रोजमर्रा में प्रयोग होने वाली चीजों की कीमतें, सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती जा रही हैं ।
राजनीतिक पहुंच वाले लोग सरकारी संरक्षण में अवैध निर्माण कर लेते हैं और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाता!
संसद की कार्यवाही में विघ्न उत्पन्न करने के दृश्य जब हम टेलीविजन पर देखते हैं तो स्वाभाविक रूप से शर्म…